लखनऊ। बांदा जेल में बंद पूर्व विधायक और माफिया डॉन मुख़्तार अंसारी पर प्रशासन ने और सख्ती कर दी है। मुख्तार अंसारी की बैरक का पहरा और सख्त किए जाने के संकेत मिले हैं। डीआईजी जेल की रिपोर्ट के बाद मुख्तार अंसारी के बैरक की निगरानी बढ़ा दी है। अब मुख्तार की बैरक की निगरानी करने वाले जेल अधिकारी और कर्मचारी हर महीने बदले जाएंगे। यानी हर महीने डिप्टी जेलर सहित 15 जेलकर्मियों को बदला जाएगा। हर महीने दूसरे जेल के डिप्टी जेलर सहित अन्य जेल कर्मियों की ड्यूटी मुख्तार की बैरक में लगाई जाएगी। इतना ही नहीं मुख़्तार की बैरेक के आसपास 20 सीसीटीवी कैमरे और बढ़ा दिए गए हैं। कैमरे ख़राब होने पर उनको तुरंत ही तुरंत बदला जाएगा।
मुख़्तार की बैरक की निगरानी 24 घंटे जेल मुख्यालय लखनऊ में बनी डिजिटल वीडियो वॉल से करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी के साथ निर्देश दिए गए हैं कि मुख्तार अंसारी की बैरक के पास तैनात स्टाफ को बॉडी वॉर्न कैमरों से लैस होना होगा। गौरतलब है कि पिछले दिनों जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने जेल में छापेमारी की थी। छापेमारी के दौरान जेल में अनियमितताएं सामने आई थीं। छापेमारी के दौरान डिप्टी जेलर ने जिलाधिकारी और एसपी के साथ अभद्रता की थी। जिसके बाद डिप्टी जेलर सस्पेंड कर दिए गए थे।
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जिलाधिकारी अनुराग पटेल ने चेकिंग के दौरान जेल में मिली अनियमितताओं को लेकर को शासन को पत्र लिखकर इसकी जानकारी दी थी। उनकी शिकायत का संज्ञान देते हुए ही जेल पुलिस महानिदेशक, महानिरीक्षक कारागार आनंद कुमार ने बांदा जेल के डिप्टी जेलर वीरेश्वर प्रताप सिंह को निलंबित कर दिया था। उन्हें जांच होने तक मुख्यालय से अटैच कर दिया था।

