Site icon Buziness Bytes Hindi

एग्जिट पोल से पहले खौफ में शेयर बाज़ार, 617 अंकों की और गिरावट

sensex

लोकसभा चुनाव के नतीजों में अनिश्चतता को देखते हुए चुनाव प्रचार के अंतिम दिन यानि 30 मई को भी शेयर बाज़ार में बिकवाली का ही दौर रहा और सेंसेक्स एकबार फिर 600 अंकों से ज़्यादा की गिरावट में बंद हुआ वहीँ निफ़्टी ने भी अपना 22500 का सपोर्ट तोड़ दिया। कल अंतिम दौर का मतदान है और कल शाम ही एग्जिट पोल के नतीजे भी आएंगे ऐसे में ट्रेडर सहमे हुए हैं और विदेशी निवेशक भारतीय शेयर बाज़ार से अपना पैसा निकाल रहे हैं।

चुनाव नतीजे कैसे आएंगे, मोदी सरकार क्या तीसरी बार सरकार बनाएगी और अगर बनाएगी तो कितनी मज़बूती के साथ बनाएगी, ये सारे फैक्टर इस समय शेयर बाज़ार में काम कर रहे हैं. छोटे निवेशक भी अपना पोर्टफोलियो हल्का करके नकदी पर बैठना पसंद कर रहे हैं ताकि नतीजों के बाद बाज़ार कैसी चाल चलेगा उसपर उनकी नज़र और एक्टिविटी रहे.

कल अगर एग्जिट पोल से पहले निफ्टी 22,450 के नीचे बंद होता है तो यह भारतीय शेयर बाजारों के लिए अच्छा संकेत नहीं हो सकता है। एग्जिट पोल से शेयर बाज़ार किसी निर्णायक बिंदु पर पहुँचने में अब भी नाकाम रहा है. बाजार बंद होने के समय सेंसेक्स जहाँ 617 अंक गिरकर 73,885 पर था वहीँ निफ़्टी 216 अंक गिरकर 22488 पर था.

आज 13 प्रमुख सेक्टोरल इंडेक्सों में से 9 लाल निशान में रहे। निफ्टी मेटल और निफ्टी आईटी में क्रमश: 3 प्रतिशत और 2 प्रतिशत की गिरावट आई, जो सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रीय सूचकांकों के रूप में उभरे। इस बीच, निफ्टी बैंक में 0.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई। टाटा स्टील, इंफोसिस और टीसीएस उन लोगों में से थे जिन्होंने निफ्टी की गिरावट में सबसे अधिक योगदान दिया। टाटा स्टील भी निफ्टी 50 पर सबसे अधिक प्रभावित स्टॉक रहा, जो मार्च में समाप्त तिमाही के लिए कंपनी के शुद्ध लाभ में गिरावट की रिपोर्ट के बाद लगभग 6 प्रतिशत गिर गया। इसके विपरीत, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक और एचडीएफसी बैंक ने निफ्टी 50 शेयरों में सबसे अधिक लाभ दर्ज किया।

Exit mobile version