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भूखे पेट सो कर गुजारीं कईं रातें, तब पाया सिर पर ताज


भूखे पेट सो कर गुजारीं कईं रातें, तब पाया सिर पर ताज

सुनील शर्मा

न्यूज डेस्क। गुलाब की खुशबू पर महकने वालों, तुमनें अभी उसके कांटों की चुभन नहीं देखी। यह शेर मानो फेमिना मिस इंडिया 2020 की रनर-अप चुनी गईं मान्या सिंह के लिये ही बना है। मान्या सिंह, जो कल तक लोगों के लिये अंजान थीं मगर आज सबकी जुबां पर उनका नाम है। लोग उनकी कामयाबी पर रश्क कर रहे हैं। मगर वह नहीं जानते कि इस मुकाम तक पहुंचने के लिये मान्या सिंह ने कितनी रातें भूखें रहकर गुजारी हैं, पैसे बचाने के लिये वह कितना पैदल चली हैं। ऑटो ड्राइवर पिता की बेटी मान्या ने गरीबी से संघर्ष करते हुए दिन गुजारे हैं। आज वह ऐसे मुकाम पर पहुंच गई है कि वह अपनी और अपने परिवार की सब तकलीफें दूर कर सकती हैं। मगर इस मुकाम पर पहुंचने के लिये उन्होंने अपना बचपन से लेकर जवानी तक का हर दिन संघर्ष करते हुए गुजारा है।

10 फरवरी को मुंबई में आयोजित मिस इंडिया प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश की मान्या सिंह ने फस्र्ट रनर-अप का ताज हासिल किया। मान्या सिंह की इस उपलब्धि के बाद हर कोई उनके बारे में जानना चाहता है। उनकी खूबसूरती, उनकी मुस्कान और खिले चेहरे का राज सभी मालूम करना चाहते हैं। मगर ग्लैमर वल्र्ड में रहकर हमेशा मुस्कुराते रहने वाले चेहरे के पीछे कितना दर्द छिपा था इसका अहसास कोई नहीं कर पाया। अब मान्या सिंह ने अपने इंस्ट्राग्राम पर अपनी कहानी बतायी तो पढ़ने वालों के आंसू झलक आये।

मान्या सिंह के पिता कुशीनगर जिले के हाटा निवासी ओमप्रकाश सिंह एक ऑटो रिक्शा ड्राइवर हैं। कमाई का साधन छोटा था तो जीवन मुश्किलों में बीता। मान्या बताती हैं कि परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण उन्हें कई रातों को भूखे भी सोना पड़ा। पैसे बचाने के लिये मीलों पैदल चलना, परिवार का सहारा बनने के लिये छोटी उम्र में ही काम करना मान्या के लिये जरूरी हो गया था। दर्जी को देने के लिये पैसे न होने के कारण मान्या को खुद के सिले कपड़े पहनने पड़ते थे। कुछ कर गुजरने की मन में ठाने मान्या ने अपना संघर्ष जारी रखा। मान्या ने बताया कि वह दिन में पढ़ाई करने के बाद शाम को बर्तन साफ करती थीं। पैसे कमाने के लिये उन्होंने रात में काॅल सेंटर में नौकरी भी की। रिक्शे के पैसे बचाने के लिये मान्या पैदल ही चलती थीं। दिसंबर 2020 में मान्या सिंह मिस उत्तर प्रदेश चुनी गयीं तो उन्हें ग्लैमर वल्र्ड मंे करियर बनाने की ठानी। अब मिस इंडिया प्रतियोगिता में फस्र्ट रनर-अप बनने के बाद मान्या सिंह की निगाह अगले ताज पर टिक गयी है। उनके अब तक के संघर्ष को देखते हुए यही लगता है कि कोई भी मुकाम हासिल करना मान्या के लिये जरा भी मुश्किल नहीं होगा।

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