सीकर। राजस्थान के सीकर जिले में खाटूश्याम जी के मेले में आज सुबह भगदड़ मचने से तीन महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गई और आधा दर्जन से अधिक महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गई। मृतकों में एक महिला हरियाणा के हिसार की बताई जा रही है। गंभीर रूप से घायल महिलाओं को उपचार के लिए जयपुर सवाई मानसिंह अस्पताल के लिए रेफर किया है। जबकि कुछ घायल श्रद्धालुओं को खाटूश्याम जी के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। घटना सुबह 5ः20 मिनट की है। बताया जाता है कि आज पुत्रदा एकादशी का पर्व होने के मौके पर खाटू श्याम जी में लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ जुटती है। पिछले दो दिन से श्रद्धालुओं का आना शुरू था। जिससे लाखों की संख्या में भीड़ एकत्र हो गई थी। आज जब सुबह जब मंदिर प्रशासन ने दर्शन के लिए गेट खोला तो भगवान के दर्शन के लिए भगदड़ मच गई। इस भगदड़ में तीन महिलाएं भीड़ के नीचे दब गई और लोग तीनों को रौदते हुए आगे निकल गए। इससे तीनों महिलाओं की मौत हो गई। हादसे के बाद खाटू श्याम मंदिर परिसर में अफरा-तफरी का माहौल हो गया। परिजन एक दूसरे के बारे में जानकारी लेने के लिए जुट गए। अभी भी हादसे को लेकर खाटूश्याम जी में सन्नाटा छाया हुआ है। सूचना मिलने के बाद जिला कलक्टर अविचल चतुर्वेदी साहिर और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे।
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खाटूश्यामजी का मंदिर शहर के बीच में बना हुआ है। इसमें पूजा के लिए एक बड़ा हॉल है। इस हाल को जगमोहन के नाम से जाना जाता है। गर्भगृह द्वार और उसके आसपास को चांदी की परत से सजाया गया था। गर्भगृह के अंदर ही बाबा का शीश है। आज पुत्रदा एकादशी के चलते शीश को हर तरफ से खूबसूरत फूलों से सजाया गया है। मंदिर के बाहर भक्तों के लिए एक बहुत बड़ा मैदान है। वीर बर्बरीक श्याम बाबा, द्वापर युग भीमसेन और नाग कन्या अहिलावती ;बसाक बासुकी नाग की पुत्री के पुत्र हैं। खाटूश्यामजी को इस समय कलियुग का देवता माना जाता है। श्यामजी कृष्ण के पर्याय हैं और इस प्रकार से उनकी उसी रूप में पूजा की जाती है। यहीं कारण है कि खाटू श्याम जी के दर्शन के लिए देश के कोने-कोने से लाखों श्रद्धालुगण प्रतिदिन आते हैं।
