नई दिल्ली। कोलंबो के नागरिकों ने अपने राजधानी की सड़कों पर बिगड़े हालात की वीडियो बनाकर भारतीय मीडिया को भेजीं हैं। रविवार देर रात तक कोलंबो के गोटा इलाके में नागरिकों का हुजूम उमड़ रहा था। लोगों का कहना है कि श्रीलंका के हालात चीन के बहकावे में आकर श्रीलंका सरकार के गलत फैसलों के कारण हुआ है।
पूरी दुनिया ने देखा किस तरीके से श्रीलंकाई लोगों ने राष्ट्रपति भवन पर कब्जा किया। अब न तो देश में राष्ट्रपति हैं और न कानून व्यवस्था जैसी कोई स्थिति। पूरी दुनिया देख रही है दरअसल वहां पर लोगों की नाराजगी है। इन सबसे हटकर एक और तस्वीर श्रीलंका में बन रही है। इस समय श्रीलंका के लोग दाने-दाने को मोहताज हो रहे हैं। हालात यह हैं कि श्रीलंका में इस समय 1000 रुपये किलो आलू और टमाटर 800 रुपये किलो बिक रहा है। लोगों को न रसोई गैस मिल रही है और न बिजली। लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाकर लोग अपना पेट भरने को मजबूर हैं।
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श्रीलंका राजधानी की सड़कों पर बिगड़े हालात की वीडियो बनाकर भारत में भेज रहे हैं। रात आठ बजे तक कोलंबो के इलाके में लोगों का भारी हुजूम उमड़ रहा था। स्थानीय लोगों का कहना है कि श्रीलंका के हालात चीन के बहकावे में आकर श्रीलंका सरकार के गलत फैसलों के कारण हुए हैं राजधानी कोलंबो के पॉश इलाके गोटा सर्किल में रहने वाले लोगों का कहना है कि आखिर श्रीलंका की जनता राष्ट्रपति भवन में क्यों ना घुसे! उन्होंने और उनके नुमाइंदों ने देश की जनता को ऐसे मझधार में छोड़ दिया है कि उनके पास जीने का कोई रास्ता नजर नहीं बचा है। गैस सिलेंडर के लिए चार महीने की वेटिंग लिस्ट है। ऐसा संभव है कि एक सिलेंडर चार महीने तक चले। नतीजा यह है कि लोग घरों में लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाने को मजबूर हैं। श्रीलंका में इस समय जनता विद्रोह सिर्फ इसीलिए कर रही है कि उसे मूलभूत जरूरते बिजली-पानी, राशन, पेट्रोल-डीजल कहीं कुछ भी तो नहीं मिल रहा है। जिन हालातों में श्रीलंका को पहुंचाया गया है और जिम्मेदार लोग श्रीलंका छोड़कर भाग गए। उससे अंदाजा लगा सकते हैं कि यहां के हालात कितने खराब होगे।

