सलामी जोड़ी पर इतनी बहस क्यों?

 
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एशिया कप में विराट कोहली ने टी 20 का अपना पहला शतक क्या बनाया कि भारतीय क्रिकेट में एक भूचाल सा आ गया, पूर्व क्रिकेटर हों, विश्लेषक हों, कमेंटेटर हो, फैंस हों या फिर जिसको क्रिकेट का क ख ग भी नहीं मालूम वो भी टीम की सलामी जोड़ी को लेकर बहस कर रहा है. विश्व कप के लिए टीम की घोषणा भी हो गयी है और उसके मुताबिक टीम में विशेषज्ञ सलामी बल्लेबाज़ के रूप सिर्फ दो ही बल्लेबाज़ हैं, कप्तान रोहित शर्मा और उपकप्तान के एल राहुल। लेकिन कोहली के शतक के बाद अब इसमें ट्रायंगल रुख आ गया है. 

कोहली के ओपनिंग में उतरने को लेकर सिर्फ पूर्व भारतीय क्रिकेटर ही नहीं बल्कि दूसरे देशों के कुछ बड़े खिलाडियों ने अपनी राय रखी है जिसमें ऑस्ट्रेलिया के मैथयू हेडन भी शामिल हैं. भारत के पूर्व क्रिकेटर गौतम गंभीर तो कोहली को ओपनिंग में उतारने की बात सोचने को भी गलत बताते हैं. हालाँकि कप्तान रोहित शर्मा ने ज़रूर इस बात को साफ़ किया है कि कोहली को विश्व कप में एक सलामी बल्लेबाज़ के तौर पर कुछ मैचों में उतारा जा सकता है. इसका मतलब यह हुआ कि या तो उपकप्तान राहुल उस मैच का हिस्सा नहीं होंगे या फिर वो कोहली की पोजीशन में खेलेंगे। वैसे बात काफी हास्यास्पद सी लगती है कि जब राहुल एक विशेषज्ञ सलामी बल्लेबाज़ के रूप में हैं और टीम के उप कप्तान भी हैं तो उनकी पोजीशन के साथ सी सा जैसा खेल क्यों खेला जायेगा।

रोहित इसे फ्लेक्सिबिलिटी मानते हैं कि कोहली को एक से तीन पर कहीं भी खिला सकते हैं लेकिन फिर यही बात राहुल पर भी लागू होती है, राहुल अभी भी अपनी फॉर्म को लेकर स्ट्रगल कर रहे हैं, रोहित उन्हें टीम का एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी मानते हैं मगर उनकी पोजीशन के साथ लगातार फेरबदल होगा यह बात रोहित शर्मा कह चुके हैं, ऐसे में तो राहुल खुद भी कन्फ्यूज़ रहेंगे कि उन्हें करना क्या है. वहीँ सलामी जोड़ी के लिए पंत का भी नाम उछाला जा रहा है. पंत वैसे इस भूमिका को निभा भी चुके हैं. कोहली की पोजीशन बदलने का विरोध करने वाले पूर्व खिलाडियों का मानना है कि अगर राहुल को उनकी पोजीशन से कभी हटाना पड़े तो पंत को उनकी जगह खिलाना चाहिए। पावर हिटिंग के लिए पंत कोहली से कहीं ज़्यादा असरदार साबित हो सकते हैं.