थ्रिलर मैच में क्यों हारे हम, किसे बताएं दोषी?

रोहित का रिएक्शन तो ऐसा था कि कोई भी नया खिलाडी काँप जाय
 
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अमित बिश्‍नोई 

एशिया कप में कल भारत क्यों हारा? एक मुश्किल सवाल है. मैच इतना नज़दीकी था कि कोई भी बाज़ी जीत सकता था. सिर्फ एक ग़लती, एक लापरवाही या फिर किसी का अतिआत्मविश्वास टीम पर काफी भारी पड़ जाता है. गलती की बात करें तो दोनों ही टीमों में समान गलती हुई, एक ही परिस्थिति में. अर्शदीप से आसान सा कैच छूटा तो इस नवोदित गेंदबाज़ निशाने पर आ गया. रोहित का रिएक्शन तो ऐसा था कि कोई भी नया खिलाडी काँप जाय. वहीँ अगर देखिये तो अर्शदीप जैसा काम पाकिस्तान के अनुभवी फखर ज़मान ने भी किया, उनकी गलती तो और भी बड़ी थी, फखर ने न सिर्फ कैच छोड़ा बल्कि चार रन भी दिए. दोनों ही कैच बचकाने तरीके से छोड़े गए, भारत जीतता तो आज फखर निशाने पर होते।

बहरहाल मैच बहुत रोमांचक हुआ, भारत और पाकिस्तान के बीच इसी तरह के मुकाबलों की फैंस उम्मीद रखते हैं, पैसा वसूल वाला, अंतिम ओवर अंतिम गेंद तक जाने वाला। एशिया कप में इस बार इन दोनों चिर प्रतिद्वंदियों के बीच राउंड हो रहे हैं. पहला भारत ने जीता तो दूसरा पाकिस्तान ने. क्या पता कि इन्हीं दोनों के बीच एशिया कप की फाइनल बैटल भी हो. उम्मीद तो ऐसी ही है कि जो अभी तक एशिया कप में नहीं हुआ वो इसबार होगा। अबतक दोनों राउंड की बात करें तो बड़ी समानता दिखेगी आपको, बस फर्क यह है कि पहला राउंड थोड़ा लो स्कोर का था और दूसरा राउंड थोड़ा हाई स्कोर का हुआ. नतीजा भी एक ही जैसा, पांच विकेट से दोनों टीमों को जीत मिली। लक्ष्य हासिल करने का समय भी लगभग समान, भारत ने 19.4 ओवर में टारगेट अचीव किया तो पाकिस्तान ने एक गेंद ज़्यादा खेली. स्ट्रेटेजी भी दोनों मैचों की काफी समान रही, इम्पैक्ट प्लेयर भी लगभग एक जैसे रहे. पिछले मुकाबले में रविंद्र जडेजा ने जो काम भारत के लिए किया वही काम कल के मैच में मोहम्मद नवाज़ ने किया। पूरे मैच पर नज़र डालेंगे तो ऐसा लगेगा की रीप्ले हुआ, बस नतीजा उल्टा निकला।

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अच्छी बात यह रही कि कोहली कल के मैच में और विराट नज़र आये. टीम इंडिया के लिए यह बड़ा अच्छा शगुन है खासकर टी 20 विश्व कप को देखते हुए. रोहित शर्मा ने आज जो स्टार्ट किया, मुझे लगा आज हिटमैन पाकिस्तानी गेंदबाज़ों को छोड़ने वाला नहीं, हफ़ीज़ ने थका हारा जो कहा था. KLR भी आज कलर में नज़र आये, पारी तो कोई बहुत बड़ी नहीं खेली मगर शॉट बड़े दमदार खेले। राहुल को विश्व कप से पहले कुछ ऐसी ही पारियों की ज़रुरत है. उनके अपने लिए भी और टीम के लिए भी. मैच में जडेजा की गैरमौजूदगी का साफ़ एहसास नज़र आया. किसी खिलाडी के न होने पर पता चलता है वह कितना impactful प्लेयर है. विश्व कप में अगर जडेजा न खेले तो टीम इंडिया को काफी परशानी हो सकती है. माना कि भारत की बेंच स्ट्रेंथ बहुत मज़बूत है लेकिन कुछ खिलाडी ऐसे होते हैं जिनका कोई विकल्प नहीं होता, जड्डू उन्ही खिलाडियों में से हैं. गेंदबाज़ी की बात करें तो इस मैच में जहाँ सीनियर गेंदबाज़ों की पिटाई हुई वहीँ अर्शदीप और रवि बिश्नोई ने काफी उम्दा गेंदबाज़ी की. 

पाकिस्तान की बात करें तो आप कहा सकते हैं कि उन्होंने टीम इंडिया को फॉलो किया। रोहित शर्मा ने पिछले मैच जो प्रयोग किया, बाबर ने वही प्रयोग कल के मैच में दोहराये। इसे आप एक संयोग भी कह सकते हैं कि रोहित की तरह बाबर का प्रयोग भी सफल हुआ और मोहम्मद नवाज़ उनके लिए रविंद्र जडेजा बन गए. एक इम्पैक्टफुल 42 रनों की पारी, तीन कैच और सबसे किफायती गेंदबाज़ी के साथ एक विकेट भी. जडेजा ने भी तो यही सब राउंड 1 में किया था. बाबर की नाकामी पाकिस्तान के लिए ज़रूर चिंता की बात है मगर रिज़वान कुछ अलग ही मिटटी के खिलाड़ी नज़र आते हैं. कीपिंग के दौरान अनकम्फर्टेबल हो गए थे, बल्लेबाज़ी के दौरान उनकी रनिंग में उनकी तकलीफ दिख रही थी, मगर बंदा दौड़ता रहा, रन बनाता रहा. आसिफ अली को पाकिस्तान क्यों इतने मौके देता यह आज फिर साबित हुआ, 8 गेंदों पर उनके 16 रन मौके पर आये. पिछले विश्व कप में उन्होंने दो पारियां ऐसी ही खेली थीं, उसके बाद से वह तक आया राम और गयाराम ही रहे लेकिन वो कब पांच छह गेंदों पर पाकिस्तान को जीत दिलादें, कहा नहीं जा सकता।  शायद पाकिस्तान टीम तमाम नाकामियों के बाद उन्हें अपने साथ रखती है.  

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कुल मिलकर एक शानदार और जानदार मैच हुआ. यह अलग बात है कि हार के बाद पोस्टमॉर्टेम तो होता ही है, हमने भी किया है और लोग भी करेंगे। हार का दोषी तलाशा जायेगा, वजहें भी तलाशी जाएँगी। कुछ लोग अर्शदीप को ज़िम्मेद्दार ठहरा सकते हैं तो कुछ भुवनेश्वर के आखरी ओवर में बने 19 रनों को , भुवनेश्वर जैसे अनुभवी गेंदबाज़ का 19 रन देना सवाल तो उठाता ही. वहीं सोशल मीडिया पर कल से ही रोहित शर्मा की कप्तानी को लेकर भी उंगलिया उठाई जा रही हैं, सवाल हुड्डा से गेंदबाज़ी न कराने को लेकर भी हो रहा है. टीम हारेगी तो सवाल उठेंगे ही. वैसे जज़्बे के साथ दोनों टीमें ही लड़ीं, जीत एक को ही मिलनी थी, पाकिस्तान की किस्मत थोड़ी ज़ोरदार निकली तो जीत उधर चली गयी. कोई बात नहीं अभी इन दोनों के बीच हमें राउंड थ्री होने की पूरी उम्मीद है और उस फाइनल बैटल में पाकिस्तान को हराने का मज़ा ही कुछ और होगा. आप भी दुआ कीजिये। फिर मिलेंगे भारत के अगले मैच में जो 6 सितम्बर को मेज़बान श्रीलंका के खिलाफ होगा।