Asia Cup: नसीम के दो छक्कों ने तोड़े कई टीमों के दिल, पाकिस्तान फाइनल में

 
Asia Cup: नसीम के दो छक्कों ने तोड़े कई टीमों के दिल, पाकिस्तान फाइनल में 

पाकिस्तान के नसीम शाह के अंतिम ओवर में लगाए गए दो लगातार छक्कों ने न सिर्फ अफ़ग़ानिस्तान का दिल बुरी तरह तोड़ा बल्कि करोड़ो भारतीय क्रिकेट फैंस की उम्मीदों पर भी पानी फेर दिया। पाकिस्तान ने एक लो स्कोरिंग वाले मैच अफ़ग़ानिस्तान को एक रोमांचक मुकाबले में एक विकेट से पराजित कर एशिया कप के फाइनल में प्रवेश किया। इसी के साथ अब आज और कल होने वाले सुपर 4 के शेष मैचों का रोमांच ख़त्म हो गया क्योंकि 11 सितम्बर को मेज़बान श्रीलंका और पाकिस्तान के बीच फाइनल खेला जाना निश्चित हो गया.

पाकिस्तान ने टॉस जीतकर उम्मीद के मुताबिक पहले गेंदबाज़ी करने का फैसला किया लेकिन जब वो निर्धारित ओवर में 6 विकेट पर सिर्फ 129 रन ही बना पाई तो लगा कि मैच एकतरफा हो गया लेकिन सलाम करना होगा अफ़ग़ानिस्तान के खिलाडियों के जज़्बे को, पूरे मैच के दौरान वह लगातार जीत के लिए लड़ते रहे और अपनी इस कोशिश में वह लगभग कामयाब हो गए थे, पाकिस्तान के 9 बल्लेबाज़ आउट कर दिए थे कि पता नहीं कहाँ से 19 साल के नसीम शाह निकले और दो लगातार गेंदों पर छक्के जड़कर अफ़ग़ानिस्तान के मुंह से जीत का निवाला छीन लिया। अफ़ग़ानिस्तान के लिए यह हार इतनी दर्दनाक थी कि मैच के बाद कई खिलाड़ी अपने आंसुओं को नहीं रोक सके. मैच के बाद कप्तान नबी ने कहा कि हाँ अच्छा खेले हम लेकिन जब अंत खराब तो सब खराब। उनकी बातों से निराशा साफ़ झलक रही थी. मैच इतना कांटे का और उतार चढाव वाला था कि खिलाडियों ने भी एक बार आस्तीनें चढ़ा ली. बीचबचाव न होता तो मारपीट पक्की थी, बल्ला तो उठ ही गया था. 

अफ़ग़ानिस्तान ने पारी की शुरुआत तो एकबार अच्छी और तेज़ की मगर इसी जोश में रमानुल्लाह गुरबाज अपना विकेट गँवा बैठे, हज़रातुल्लाह जजाई भी ज़्यादा कुछ नहीं कर सके, वह 21 रन बनाकर आउट हुए।  इबराहीम जादरान ने ज़रूर 34 रनों की एक अच्छी पारी खेली। आखिर में राशिद खान ने 15 गेंदों में 18 रन बनाकर अफ़ग़ानिस्तान के स्कोर को कुछ लड़ने के काबिल बनाया। पाकिस्तान के लिए हसनैन के अलावा सभी गेंदबाज़ों ने अच्छी गेंदबाज़ी की और सबको विकेट हासिल हुए. 

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इस छोटे से लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की टीम की शुरुआत बड़ी दयनीय रही, कप्तान बाबर आज़म की ख़राब फॉर्म का सिलसिला इस मैच भी जारी रहा, बल्कि इस मैच में तो वो खाता भी नहीं खोल सके, फखर ज़मान भी जल्द ही एक रन चुराते हुए रन आउट हो गए. दो झटके लगने के बाद मोहम्मद रिज़वान और और इफ्तिखार अहमद ने टीम को कुछ संभालने की कोशिश की मगर रिज़वान आज ज़्यादा कुछ नहीं कर सके और 20 रन बनाकर राशिद खान का शिकार बने. यह पाकिस्तान के लिए बहुत बड़ा झटका, रिज़वान के आउट होने के बाद अफ़ग़ानिस्तान के खिलाडियों का जोश और बढ़ गया. मैच में अनहोनी की बातें होने लगीं। आज शादाब खान को प्रोमोट करके पाकिस्तान ने ऊपर भेजा और उन्होंने 26 गेंदों में 36 रनों की तेज़ पारी खेलकर पाकिस्तान की मैच में फिर वापसी कराइ, इससे पहले इफ्तिखार 30 रन बनाकर आउट हो गए. शादाब के आउट के बाद मोहम्मद नवाज़, खुशदिल शाह और हारिस रऊफ जल्दी जल्दी आउट हुए, मैच अब काफी हद तक अफ़ग़ानिस्तान की पकड़ में था लेकिन आसिफ अली ने 8 गेंदों पर 16 रन बनाकर जहाँ पाकिस्तान के लिए मौके को बनाये रखा, वहीँ उनके आउट होने से अफ़ग़ानिस्तान का जोश सातवें आसमान पर था, क्योंकि अब पाकिस्तान के पास कोई बल्लेबाज़ नहीं बचा था, इसी जोश में आसिफ को आउट करने वाले फरीद अहमद ने आसिफ को न जाने क्या कहा कि आसिफ ने उनपर बल्ला तान लिया. मैच के दौरान यह नज़ारा बड़ा गन्दा लगा. 

पाकिस्तान के 9 विकेट आउट हो चुके थे, अफ़ग़ानिस्तान को सामने जीत दिखाई दे रही थी, पाकिस्तान को अंतिम ओवर में जीत के लिए 11 रनों की ज़रुरत थी, गेंद अफ़ग़ानिस्तान के सबसे अच्छे गेंदबाज़ फ़ज़लहक़ फ़ारूक़ी के हाथ में थी, स्टेडियम में अफ़ग़ानिस्तान के फैंस का जोश सातवें आसमान पर था, स्ट्राइक पर नसीम शाह थे, और फिर अगली दो गेंदों पर जो हुआ वह शारजाह के लिए इतिहास बन गया, नसीम शाह ने फ़ज़लहक़ फ़ारूक़ी की पहली दो गेंदों पर ही दो गगनचुम्बी छक्के लगाकर मैच को पाकिस्तान के लिए पलट दिया।