ओलंपिक चैम्पियन नीरज चोपड़ा ने एक और ऐतिहासिक कारनामा कर दिखाया। भारत के नायाब सितारे नीरज चोपड़ा ने वर्ल्ड एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में ऐसे पहले भारतीय पुरूष बन गए जिन्होंने इस विश्व प्रतियोगिता में मेडल जीता है. इससे पहले पदक जीतने का कारनामा 2003 में पेरिस में अंजू बॉबी जॉर्ज ने लंबी कूद में किया था. उन्होंने कास्य पदक जीता था. अब लगभग दो दशकों बाद नीरज चोपड़ा ने भालाफेंक स्पर्धा में 88.13 मीटर दूरी के साथ रजत पदक जीता है .
इवेंट के फाइनल की शुरुआत ओलम्पिक चैंपियन ने फ़ाउल के साथ की मगर उसके बाद दूसरे, तीसरे और चौथे प्रयास में उनका थ्रो लम्बा होता चला गया हालाँकि पांच और अंतिम प्रयास उनका फिर फ़ाउल घोषित हुआ लेकिन चौथे प्रयास में नीरज चोपड़ा ने 88.13 मीटर की दूरी तय कर सिल्वर मैडल पक्का कर लिया था. वहीँ इस इवेंट का गोल्ड मेडल ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स ने जीता जिन्होंने 90.46 मीटर दूर ज्वेलिन फेंका, जबकि चेक रिपब्लिक के याकूब वालडेश को ब्रॉन्ज़ मैडल मिला. भारत के एक और ज्वेलिन थ्रोअर रोहित यादव दसवें स्थान पर रहे. चोपड़ा ने पिछले वर्ष टोक्यो ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीता था ,ओलंपिक की व्यक्तिगत स्पर्धा में निशानेबाज अभिनव बिंद्रा के बाद गोल्ड जीतने वाले वह पहले भारतीय हैं.
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नीरज चोपड़ा को अपना आइडियल मानने वाले पडोसी पाकिस्तान के अरशद नदीम ने 86.16 मीटर दूर भाला फेंक पांचवें नंबर पर रहे. अरशद नदीम ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जो जैवलिन प्रयोग में लाई जाती है उस जैवलिन की कीमत 4 लाख रुपये होती है और पाकिस्तान में अभी तक उस तरह की जैवलिन नहीं है.इसके अलावा तैयारियों के लिए बुनियादी सुविधाओं और ग्राउंड्स की भी पाकिस्तान में बहुत कमी है.

