ऑस्ट्रेलिया को 2-1 से हराने के बाद टीम इंडिया के सामने कल से एक बड़ी चुनौती है, चुनौती है दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अपनी ही धरती पर टी-20 श्रंखला जीतने की. भारत अभी तक अपनी ज़मीन पर यह काम नहीं कर पाया, सुनकर थोड़ी हैरानी होती है लेकिन बात सच है, विश्व कप से पहले रोहित सेना के सामने यह बड़ा इम्तेहान है, इस बार मौका भी अच्छा है, सामने विश्व कप है, श्रंखला में जीत मिलने का मतलब दो बड़ी टीमों को परास्त करने के जोश के साथ विश्व कप खेलने टीम इंडिया पहुंचेगी, निश्चित इस जोश का फायदा टी 20 के महासंग्राम में देखने को ज़रूर मिलेगा।
विश्व कप के मेज़बान ऑस्ट्रेलिया को पीटने के बाद मिशन मेलबोर्न का अगला पड़ाव तिरुवनंतपुरम है जहाँ कल से भारत और साउथ अफ़्रीका के बीच तीन टी20 मैचों की श्रृंखला की शुरुआत होने जा रही है। विश्व कप से पहले दोनों ही टीमों के लिए ये श्रंखला बेहद महत्वपूर्ण है। टीमों की बात करें तो साउथ अफ़्रीका के तेज़ गेंदबाज़ कगिसो रबाडा भारतीय बल्लेबाज़ों के लिए हमेशा मुश्किल खड़ी करते हैं। रबाडा ने मौजूदा टीम में कोहली और कार्तिक को चार-चार बार आउट किया है। दोनों धमाकेदार बल्लेबाज़ रबादा के सामने अक्सर खामोश रहते हैं. इसके अलावा आज के उभरते सुपर स्टार सूर्यकुमार यादव भी तीन बार उनका शिकार बन चुके हैं। रोहित और राहुल भी उनके प्रकोप से बच नहीं सके हैं, तो रबाडा टीम इंडिया के लिए सरीज़ का सबसे बड़ा खतरा हैं.
दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाज़ टी 20 रैंकिंग में दुसरे नंबर पर हैं, ज़ाहिर सी बात है कि प्रभावशाली प्रदर्शन कर रहे हैं. पिछले साल लेकर अब तक उनके खाते में सबसे ज़्यादा आठ अर्धशतक हैं। रीज़ा हेंड्रिक्स भी 736 रनों के साथ उनसे बहुत पीछे नहीं हैं । मारक्रम स्ट्राइक रेट भी गज़ब का है, उन्होंने 154 के स्ट्राइक रेट से 704 रन बनाए हैं। ऐसे में कल थिरुवनंतपुरम में उनका जलवा देखने को मिल सकता है. हालाँकि डिकॉक बल्ले से इन दिनों काफी खामोश हैं, वैसे भी चहल हमेशा उनके लिए आफत बनकर आते हैं, नौ बार दोनों का सामना हुआ है और डिकॉक 6 बार इस दुबले पतले गेंदबाज़ का शिकार बने हैं. साउथ अफ्रीका के डेविड मिलर इन दिनों बल्ले से वही कर रहे हैं जो टीम इंडिया के लिए हार्दिक कर रहे हैं.

