Arshdeep Singh Controversy: कैच छूटा तो अर्शदीप को जोड़ दिया खालिस्तान से, सरकार ने विकिपीडिया को किया समन

 
Arshdeep Singh Controversy

एशिया कप के सुपर 4 राउंड में कल खेले गए भारत और पाकिस्तान के मैच में एक निर्णायक मोड़ पर अर्शदीप सिंह ने रवि बिश्नोई की गेंद पर एक बेहद आसान सा कैच टपका दिया जिसे भारत की हार का कारण बताया जा रहा है. क्योंकि इस कैच का फायदा उठाते हुए आसिफ अली ने 19वे ओवर में भुवनेश्वर कुमार जैसे अनुभवी गेंदबाज़ को तगड़ी मार लगाई और मैच को पाकिस्तान के हक़ में कर दिया। भुवनेश्वर ने 19 वे ओवर में 19 रन दिए. अब देखा जाय तो भुवनेश्वर को भी मैच में हार का ज़िम्मेदार माना जा सकता है मगर लोग नए खिलाडी अरश्दीप के पीछे हाथ धोकर पड़ गए. उसपर मीम्स बनने लगे, ट्रोलिंग शुरू हो गयी. यहाँ तक तो चलो चलता है मगर हद तो तब हो गयी जब विकिपीडिया पर अर्शदीप सिंह के पेज से छेड़छाड़ कर उसे खालिस्तानी संगठन से जोड़ दिया गया. 

विकिपीडिया का मामला सामने आते ही भारत सरकार हरकत में आ गयी और आईटी मंत्रालय ने विकिपीडिया को समन कर दिया. समन  में विकिपीडिया से पूछा गया है कि आखिर इतनी बड़ी गलती हुई कैसे? या किसी ने कैसे यह छेड़छाड़ की. वहीँ यह भी खबर चली कि इसके पीछे पाकिस्तानी हैकरों का हाथ है जिन्होंने गन्दी नीयत से ये घिनावना किया है. बता दें कि अर्शदीप का कैच छोड़ना कोई ऐसी नई बात नहीं है जब नाज़ुक मोड़ पर छूटा कैच टीम को बहुत भारी पड़ा और लोग उस खिलाडी के पीछे पड़ गए. 

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आपको मैं पिछले टी- 20 विश्व कप के एक मैच की घटना बता रहा हूँ. सेमी फाइनल मैच पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला गया था. लगभग सेम सिचुएशन में पाकिस्तान के हसन अली से मैथ्यू वेड का एक आसान सा कैच का छूट गया था जिसे पाकिस्तान की हार का कारण बताया और हसन अली की ज़बरदस्त खिंचाई हुई थी, हालाँकि उस मैच में हार की असली वजह शाहीन शाह आफरीदी थे. 19 ओवर की बात है, आफरीदी के हाथ में गेंद थी, ऑस्ट्रेलिया को 22 रनों की ज़रुरत थे. पहली तीन गेंदों पर चार रन ही बने थे चौथी गेंद पर हसन ने कैच छोड़ा लेकिन अगली तीन गेंदों पर वेड ने लगातार तीन छक्के वह भी एक ही दिशा में एक जैसी गेंदों पर जड़कर मैच पाकिस्तान से छीन लिया। ऐसी सिचुएशन कल के मैच में भी लेकिन न तो शाहीन को दोषी करार दिया गया और न ही भुवनेश्वर को. 

हालाँकि इस बात की जांच होना वाकई बहुत ज़रूरी है क्योंकि यह हरकत अपराध की श्रेणी में आती है, एक होनहार गेंदबाज़ को किसी आतंकी संगठन से जोड़कर उसके कैरियर को बर्बाद करने का प्रयास है. अच्छी बात यह है कि जहाँ कैच छोड़ने पर उसकी ट्रोलिंग हो रही थी वही विकीपेडिया मामले के बाद अर्शदीप को समर्थन देने वालों की बाढ़ सी आ गयी और इसमें राजनेता, खिलाड़ी और भारतीय क्रिकेट से प्यार करने वाले सभी लोग शामिल रहे. वहीँ पाकिस्तान के मोहम्मद रिज़वान ने भी अर्शदीप के माता पिता से बात कर लोगों का दिल जीता।