न्यूयार्क। उल्का पिंड पृथ्वी से टकरा कर मानव जीवन को समाप्त कर सकते हैं। वैज्ञानिकों को यह चिंता हमेशा से रही है। इस खतरे से निपटने के लिए ही नासा का अंतरिक्ष यान डार्ट धरती से 68 लाख किमी की दूरी पर एक उल्का पिंड डिमोर्फाेस से टकराने जा रहा है। यह पिंड 525 फुट की डाइडिमोस नामक चट्टानी उल्का की परिक्रमा कर रहा है। इस टकराव से उल्काओं का मार्ग बदलने की उम्मीद की जा रही है। इसीलिए इसे डबल एस्ट्रॉयड री-डायरेक्शन टेस्ट यानी डार्ट नाम दिया गया है। यह टक्कर इंटरनेट पर पूरी तरह से लाइव देखी जा सकेगी। टक्कर भारतीय समयानुसार 27 सितंबर को सुबह 4ः44 बजे के आसपास होगी। इस दौरान अंतरिक्ष यान की गति 22,500 किमी प्रति घंटा की होगी। दोनों उल्काएं वैसे तो पृथ्वी के लिए किसी भी प्रकार से खतरा नहीं है। लेकिन फिर भी यह परखा जा रहा है कि भविष्य में यदि कोई उल्का अगर सच में पृथ्वी की ओर आई तो क्या वैज्ञानिक उसका मार्ग बदलने में कामयाब हो सकेंगे। इसे ‘पृथ्वी की सुरक्षा का परीक्षण’ मिशन भी कहा जा रहा है।
अंतरिक्ष वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि अंतरिक्ष यान के टक्कर से उल्काओं का मार्ग बदलेगा। दोनों उल्काओं के मार्ग पर वैज्ञानिकों की नजर लंबे समय से है। टक्कर के बाद बदलाव का पता विशालकाय दूरबीनों से ही लगाया जाएगा। 24 नवंबर 2021 में धरती से प्रक्षेपित किए गए डार्ट पर 2,500 करोड़ खर्च हुआ है। ड्रेको उल्का इस टक्कर के हर सेकंड की तस्वीरें लेने में पूरी मदद करेगा। एक छोटा उपग्रह ‘लाइट इटैलियन क्यूबसैट’ भेजा गया है, जो टकराव से पहले यान से अलग होकर पूरी घटना को अपने भीतर कैद करेगा और यह इस पूरी घटना का गवाह भी बनेगा। अंतरिक्ष यान के इस टकराव के तीन मिनट बाद तक की बेहद साफ तस्वीरें ली जाएंगी।
