लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 (UP election 2022) में भारतीय जनता पार्टी ने बहुमत के साथ जीत हासिल करते हुए एक बार फिर अपनी सरकार बना ली है। महराजगंज जिले के फरेंदा और कुशीनगर की खड्डा विधानसभा सीट छोड़ दें तो चुनाव में समाजवादी पार्टी ने गोरखपुर-बस्ती मंडल की 39 विधानसभा सीटों पर भारतीय जनता पार्टी को सीधे टक्कर दी है। इस दौरान बहुजन समाज पार्टी, कांग्रेस और दूसरे दल लड़ाई से बाहर ही रहे हैं। ज्यादातर सीटों पर अन्य दलों के प्रत्याशी जमानत भी नहीं बचा पाए हैं।
बस्ती और सिद्धार्थनगर जिलों में सपा (SP) ने इस बार अपना दबदबा कायम करते हुए छह विधानसभा सीटों पर अप्रत्याशित जीत हासिल की है। माता प्रसाद पांडेय ने इटवा सीट पर 1762 व सैयदा खातून ने डुमरियागंज सीट पर सिर्फ 771 मतों से जीत हासिल कर अपने मजबूत इरादे दर्शाए हैं। इन सीटों पर विधानसभा चुनाव 2017 में भगवा लहराया था।
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सीएम के गढ़ में चुनौती तो दी लेकिन सफलता नहीं मिली
गोरखपुर मंडल की बात करें तो गोरखपुर (Gorakhpur) जिले की नौ सीट, कुशीनगर जिले की सात, देवरिया की सात और महराजगंज जिले की पांच समेत कुल 28 विधानसभा सीटों में से 27 पर बीजेपी और उसके सहयोगी दलों ने अपना वर्चस्व कायम रखा है। इनमें कुशीनगर की खड्डा सीट पर निषाद पार्टी के विवेकानंद पांडेय जीते, लेकिन दूसरे नंबर पर निर्दलीय प्रत्याशी विजय प्रताप कुशवाहा रहे हैं। वहीं, महराजगंज के फरेंदा विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस प्रत्याशी वीरेंद्र चौधरी ने पार्टी का खाता खोला है, जबकि भाजपा के बजरंग बहादुर दूसरे नंबर पर रहे हैं। अन्य 26 सीटों पर सपा ने सीधे भाजपा को टक्कर दी है।
बस्ती में दिखाई ताकत
वहीं, अगर बस्ती मंडल की बात करें तो बस्ती की पांच सीट, संत कबीर नगर की तीन और सिद्धार्थनगर की पांच विधानसभा सीटों समेत कुल 13 में से छह सीटों पर सपा ने जीत हासिल की है। इन सभी पर बीजेपी (BJP) दूसरे नंबर पर रही है। जबकि अन्य सात सीटों पर भी सपा मजबूती के साथ लड़ी और दूसरे नंबर पर रही है। इसका मतलब है कि पूर्वांचल के दोनों मंडलों में भाजपा और सपा में आमने-सामने की लड़ाई हुई है।

