लखनऊ। भले ही मोदी सरकार ने तीनों विवादित कृषि कानून वापस लेकर किसानों की नाराजगी को दूर करने का प्रयास किया हो। लेकिन भाजपा को परेशानी में डालने वाले किसान आंदोलन के मुद्दे को समाजवादी पार्टी छोड़ने को तैयार नहीं है। सपा का प्रयास है कि आने वाले विधानसभा चुनाव तक इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाए रखा जाए ताकि किसानों को भाजपा के पाले में जाने से रोका जा सके। इसके लिए समाजवादी पार्टी विभिन्न प्रयास कर रही है।
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इसी क्रम में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कृषि कानूनों के विरोध में चलाए गए किसान आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले किसानों को किसान शहादत समान राशि देने का ऐलान किया है। सपा अध्यक्ष ने ट्वीट कर कहा की अन्य के लिये अन्न उगाने वाले किसान का जीवन अनमोल है। सपा अध्यक्ष ने लिखा कि 2022 में उत्तर प्रदेश में सपा सरकार आते ही किसान आंदोलन के शहीदों को किसान शहादत समान राशि के रूप में 25 लाख रुपए दिए जाएंगे। गौरतलब है कि किसान आंदोलन को लेकर समाजवादी पार्टी भाजपा के प्रति मुखर रही है।
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भूमि अधिग्रहण, कृषि कानूनों से लेकर लखीमपुर खीरी हिंसा तक को लेकर सपा अध्यक्ष निरंतर भाजपा पर निशाना साधते रहे हैं। ऐसे में विवादित कृषि कानून वापस हो जाने के बावजूद सपा अध्यक्ष इस मुद्दे को जीवंत रखना चाहते हैं। किसान शहादत समान राशि की घोषणा इसी कड़ी में उठाया गया कदम माना जा रहा है।

