Site icon Buziness Bytes Hindi

Azam Khan hate speech case: जिस मामले में रदद हुई थी सदस्यता, उसमें कोर्ट से बरी

ma2412

Azam Khan hate speech case: आज बुधवार को आजम खान हेट स्पीच मामले की सुनवाई एमपी-एमएलए कोर्ट (सेशन ट्रायल) में हुई। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद आजम खां को हेट स्पीच देने के आरोप से दोषमुक्त कर दिया।
सपा नेता आजम खां को आज एमपी-एमएलए कोर्ट (सेशन ट्रायल) से राहत मिली है। कोर्ट ने आजम को नफरती भाषण देने के आरोप से बरी कर दिया। इस मामले में एमपी-एमएलए (मजिस्ट्रेट ट्रायल) की कोर्ट ने 27 अक्तूबर 2022 को आजम खां को तीन साल सजा सुनाई थी। जिसके बाद आजम खां की विधायकी चली गई थी।

आजम ने सेशन कोर्ट में की थी अपील

तीन साल की सजा के खिलाफ आजम खां ने सेशन कोर्ट में अपील की थी। आज बुधवार को केस की सुनवाई एमपी-एमएलए कोर्ट (सेशन ट्रायल) में हुई। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद आजम खां को हेट स्पीच देने के आरोप से दोष मुक्त कर दिया। कोर्ट ने मजिस्ट्रेट ट्रायल की कोर्ट के फैसले को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने इस केस में 70 पेज में अपना फैसला सुनाया।

जिसमें सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के फैसले का उल्लेख किया है। सेशन कोर्ट के फैसले से आजम खां को राहत मिली है। लेकिन उनकी विधायकी बहाल होने पर संदेह है। क्योंकि छजलैट प्रकरण के मुकदमे में मुरादाबाद की कोर्ट ने आजम खां और उनके पुत्र अब्दुल्ला आजम को दो-दो साल की सजा सुनाई थी। इसके बाद अब्दुल्ला आजम खां की भी विधायकी चली गई थी।

Exit mobile version