- विपक्षियों ने घेरा तो सीएम योगी कार्यालय से जारी वीडियो किया डिलीट
- आप और कांग्रेस ने कसा योेगी सरकार पर तंज, हो गयी छिछालेदार
न्यूज डेस्क। अन्य सरकारों के कार्यकाल में किये गये कार्यों को अपना बताने के आरोपों का सामना कर रही योगी आदित्यनाथ सरकार एक बार फिर सवालों के घेरे में है। सपा सरकार में दी गयी नौकरी को भाजपा शासन की उपलब्धि बताते हुए एक युवक का वीडियो उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यालय से संचालित होने वाले ट्विटर हैंडल से साझा किया गया था। लेकिन जब सपा शासनकाल में हुई भर्ती की उक्त वीडियो की हकीकत सामने आयी तो सीएम योगी के कार्यालय को उक्त ट्वीट डिलीट करना पड़ा। मगर तब तक सीएम योगी और उनकी सरकार को जमकर निशाना बनाया जा चुका था और सरकार की छिछालेदार हो चुुकी थी।
नेताओं को तो बयान देते और वापस लेते अक्सर देखा गया है मगर किसी प्रदेश के सीएम कार्यालय से ही झूठी सूचना दी जाये और इसे सरकार की उपलब्धि बताते हुए श्रेय लिया जाये और बदनामी होने के बाद ट्विट वापस ले लिया जाये ऐसा फर्जीवाडा शायद ही किसीी सरकार में हुआ होगा। लेकिन येन-केन-प्रकारेण भाजपा को जनहित के कार्यों में अग्रणी साबित करने की होड़ में उत्तर प्रदेश के सीएम कार्यालय ने ऐसा घोटाला कर दिखाया। हालांकि सच सामने आने के बाद उन्हें मुंह की खानी पड़ी और ट्विट वापस लेना पड़ा।
दरअसल गुरुवार दोपहर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यालय से संचालित होने वाले आधिकारिक ट्विटर एकाउंट @myogiadityanath की ओर से जारी एक वीडियो लिखा गया कि ‘सरकारी नौकरी हेतु आयोजित परीक्षाओं के समयबद्ध परिणामों एवं पारदर्शी चयन प्रक्रिया के लिए मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी महाराज को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए श्री दुर्गेश चौधरी जी’। उक्त वीडियो में वीडियो में एक युवक ने अपना नाम दुर्गेश चौधरी बताते हुए कहा था कि सरकार के द्वारा राजस्व लेखपाल की भर्ती आई, जिसमें हमने लिखित परीक्षा दी और फिर मेरा नाम इंटरव्यू में आ गया। इंटरव्यू के बाद फाइनल रिजल्ट आया जिसके परिणाम में मैं राज्य से लेखपाल पद के लिए चयनित हो गया। युवक ने कहा कि इस दरमियान लिखित परीक्षा से लेकर इंटरव्यू तक पूरी निष्पक्षता के साथ चयन किया गया था। इसके बाद दुर्गेश ने अपने कार्यकाल का अनुभव साझा करते हुए सरकारी योजनाओं को कल्याणकारी बताने के साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री का धन्यवाद दिया।
इस वीडियो के वायरल होते ही विपक्ष के साथ अन्य ट्विटर यूजर्स ने सीएम योगी और उनकी सरकार पर सवाल खड़े करना शुरू कर दिया। उन्होंने सपा सरकार के कार्यकाल में लाई गई राजस्व लेखपाल की भर्ती और उसमें चयनित हुए लेखपाल दुर्गेश चौधरी से जुड़ा हुआ वीडियो वर्तमान योगी आदित्यनाथ की सरकार के ट्विटर हैंडल से साझा करने का आरोप लगाया। बात बढ़ी तो सीएम योगी के कार्यालय की ओर से जारी ट्वीट को डिलीट कर दिया गया।
‘भारतीय झूठ्ठा पार्टी’ नाम रख लेना चाहिये भाजपा को
इस ट्वीट को लेकर आप नेता संजय सिंह ने कहा कि बीजेपी में ऊपर से लेकर नीचे तक झूठ बोलने वालों का जमावड़ा है। अब आदित्यनाथ जी को ही देख लीजिये एक नौजवान का फर्जी वीडियो डाल दिया नौकरी देने का धन्यवाद भी ले लिया चारों तरफ थू-थू हुई तो वीडियो डिलीट करना पड़ा। संजय सिंह ने बीजेपी से सवाल करते हुए लिखा कि क्या बीजेपी को अब अपना नाम बदलकर ‘भारतीय झूठ्ठा पार्टी’ रख लेना चाहिये। योगी सरकार पर तंज कसते हुए कांग्रेस ने भी लिखा है, ‘हेल्लो @myogiadityanath जी, आपके झूठ का व्यापार कैसा चल रहा है। वीडियो क्यों हटा दिया आपने’.

