जयंत चौधरी और प्रियंका गांधी की मुलाकात ने सपा खेमे में हलचल मचाई
सुनील शर्मा
समाजवादी पार्टी और रालोद के बीच गठबंधन की संभावनाओं को लेकर काफी समय से अटकलें चल रही थीं। सपा प्रमुख अखिलेश यादव वेट एंड वॉच की स्थिति में थे तो जयंत चौधरी भी अखिलेश की ओर से गठबंधन में शामिल होने का न्यौता आने का इंतजार कर रहे थ। मगर जयंत चौधरी और कांगेस महासचिव प्रियंका गांधी कि एयरपोर्ट पर कथित रूप से अचानक हुई मुलाकात और एक ही चार्टर्ड विमान में सवार होकर दिल्ली आने के समाजवादी की चिंता बढ़ गईं। आनन-फानन में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राष्ट्रीय लोक दल के साथ गठबंधन होने का ऐलान कर दिया। हालांकि जयंत चौधरीने इस संभावित गठबंधन को लेकर अभी तक कोई बयान नहीं दिया है। लेकिन सपा की ओर से यह दावा किया जा रहा है कि गठबंधन फाइनल हो चुका है और जल्द ही इस संबंध में एक संयुक्त प्रेस काॅन्फ्रेंस कर गठबंधन और सीटों के बटवारें को लेककर अधिकारिक ऐलान कर दिया जाएगा।
यूपी विधानसभा चुनाव में उतरेगी चाचा-भतीजे की जोड़ी
उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक बिसात बिछ चुकी है। पार्टी नेताओं का एक-दूसरे से विरोध सार्वजनिक हो रहा है वहीं नए चुनावी गठबंधन भी सामने आ रहे हैं। लेकिन एक ओर जहां कांग्रेस के संभावित महागठबंधन में शामिल होने की संभावना कम दिखाई दे रही हैं वहीं समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय लोक दल के बीच चुनावी गठबंधन को लेकर कोई अधिकारिक बयान जारी नहीं किया जा रहा था। वेस्ट यूपी में किसान आंदोलन से संजीवनी हासिल करने के बाद तेजी से उभरी राष्ट्रीय लोक दल ने भी अपने पत्ते नहीं खोले। जयंत चौधरीलगातार रैलियां कर अपना राजनीतिक आधार मजबूत करते रहे। माना जा रहा था कि जयंत चौधरीगठबंधन को लेकर समाजवादी पार्टी की ओर से न्यौता दिये जाने का इंतजार कर रहे थे। जयंत चौधरीयह भी चाहते थे कि वेस्ट यूपी में रालोद की मजबूत स्थिति को देखते हुए उन्हें अधिक सीटें दी जाएं।
इन्हीं संभावनाओं के बीच अखिलेश यादव ने चाचा शिवपाल यादव और क्षेत्रीय दलों के साथ गठबंधन करने का तो ऐलान किया मगर रालोद के साथ गठबंधन की कोई पुष्टि उन्होंने नहीं की। मगर हाल ही में लखनऊ एयरपोर्ट पर जयंत चौधरीऔर प्रियंका गांधी की ‘अचानक’ मुलाकात हुई और बातों का सिलसिला इस कदर बढ़ा कि जयंत चौधरीऔर प्रियंका गांधीएक ही चार्टर्ड प्लेन में सवार होकर दिल्ली लौटे। अब इस चार्टर्ड प्लेन के भीतर कांग्रेस महासचिव और रालोद अध्यक्ष के बीच क्या बातें हुई इनका खुलासा तो नहीं हुआ लेकिन इस मुलाकात ने समाजवादी पार्टी की चिंता है जरूर बढ़ा दी। क्योंकि इस मुलाकात के बाद रालोद और कांग्रेस के बीच गठबंधन होने की अटकलें शुरू हो गयीं थीं। यूपी विधानसभा चुनाव में रालोद और कांग्रेस के बीच यदि गठबंधन हुआ तो वेस्ट यूपी में समाजवादी पार्टी को नुकसान उठाना तय है।
जयंत चौधरीऔर प्रियंका गांधी के बीच कथित रूप से अचानक हुई मुलाकात के अगले ही दिन सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने रालोद के साथ गठबंधन करने का ऐलान कर दिया। अखिलेश यादव ने कहा कि आने वाले विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय लोक दल एक साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगी। लेकिन समाजवादी पार्टी के लिए चिंता की बात अभी भी यह है कि रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरीने इस गठबंधन में शामिल होने की पुष्टि नहीं की है। जाहिर है कि पत्ते अभी भी राष्ट्रीय लोकदल के पाले में हैं। लेकिन सूत्रों की माने तो दोनों पार्टियों के बीच सीटों को लेकर समझौता हो चुका है। यूपी विधानसभा चुनाव में 40 सीटों की मांग कर रही रालोद को 32 सीटें देने का आश्वासन दे दिया गया है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि जल्द ही इस संबंध में संयुक्त पत्रकार वार्ता कर गठबंधन का ऐलान किया जाएगा और चुनावी अभियान की शुरुआत कर दी जाएगी।
देखना होगा कि सपा और रालोद का गठबंधन किन शर्तों पर होगा और आने वाले विधानसभा चुनाव में वह किस प्रकार भारतीय जनता पार्टी को टक्कर दे पाएगा। प्रियंका गांधी और जयंत चौधरीके बीच हुई मुलाकात के मायने क्या थे यह भी आने वाले दिनों में ही स्पष्ट हो पाएगा। कुल मिलाकर देखा जाए तो उत्तर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में अभी और हलचल होना बाकी है। गठबंधन होंगे भी और आपसी तकरार का सिलसिला भी जारी रहेगा। चुनाव आने तक कौन दोस्त बनेगा और किसका याराना दुश्मनी में तब्दील होगा यह अभी कह पाना मुश्किल है। लेकिन यह तय है कि 2021 के विधानसभा चुनावी प्रतिस्पर्धा के साथ रहस्य और रोमांच से भरपूर होंगे।

