लखनऊ। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने कर्मचारियों के एक बड़े मुद्दे पुरानी पेंशन की बहाली का ऐलान किया है। जिसको यूपी में 2005 के बाद भारतीय जनता पार्टी की सरकार के दौरान बंद कर दिया गया और न्यू पेंशन स्कीम लागू की गई थी। इसको लेकर सरकारी कर्मचारी लगातार आंदोलन कर रहे थे। गुरूवार को अखिलेश यादव ने कर्मचारी नेता से सपा नेता बने इंजीनियर हरिकिशोर तिवारी और अटेवा पेंशन बचाओ मंच के मुखिया विजय कुमार बंधु के साथ एक प्रेस कांफ्रेंस की। इस दौरान अखिलेश ने कहा कि सरकार बनने के बाद हम पुरानी पेंशन बहाल करेंगे और पिछले सात साल से लंबित कैशलेस इलाज को फिर से शुरू करेंगे। इसके अलावा अखिलेश यादव ने वित्तविहिन शिक्षकों को भी वेतन देने का ऐलान किया है। उनके इस ऐलान से सालों से लंबी लड़ाई लड़ रहे कर्मचारियों को एक नई उम्मीद दिखी है।
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अखिलेश यादव ने कहा कि यूपी की सरकारी सेवा में नियुक्त कर्मचारियों को पेंशन दी जाती थी। अप्रैल 2005 के बाद इस पर रोक लगा दी गई। इससे कर्मचारियों के एक बड़े वर्ग को करारा झटका लगा है। उन्होंने कहा कि पेंशन बुढ़ापे का आसरा होता है। सरकार ने यह निर्णय लेकर लाखों कर्मचारियों के भविष्य को संकट में डाल दिया है। अखिलेश यादव ने कहा कि पुरानी पेंशन की बहाली के लिए हमने कई अर्थशास्त्रियों से बात की है। साथ ही कर्मचारी नेताओं से भी फीडबैक लिया है। उसके बाद यह निर्णय लिया है कि इसको बहाल किया जा सकता है। अखिलेश ने कहा कि फिर भी कोई दिक्कत आती है तो कार्पस फंड तैयार किया जाएगा लेकिन कर्मचारियों के हित से जुड़े इस मामले को लागू किया जाएगा।
करीब 13 लाख कर्मचारी होंगे लाभांवित
अटेवा पेंशन बचाओ मंच के अध्यक्ष विजय कुमार बंधु ने कहा कि सरकार के इस निर्णय से करीब 13 लाख कर्मचारियों को सीधा लाभ होगा। वैसे तो प्रदेश में करीब 22 लाख कर्मचारी हैं, इसमें से 13 लाख कर्मचारी ऐसे हैं जो पुरानी पेंशन के लाभ से वंचित थे। उन्हें नई पेंशन स्कीम में जोड़ा गया था। ऐसे में अगर पुरानी पेंशन बहाल होती है तो सीधे 13 लाख कर्मचारी तो जुड़ेंगे ही साथ ही एक कर्मचारी के साथ कम से कम चार लोगों का परिवार होता है। उनका भी प्रभाव देखने को मिल सकता है।
कैशलेस स्कीम करेंगे शुरू
अखिलेश यादव ने इस मौके पर कैशलेस स्कीम को भी शुरू किये जाने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार के दौरान ही इसको शुरू किया गया था लेकिन भाजपा की सरकार ने इसे लागू नहीं किया है। कर्मचारी नेता से सपा नेता बने इंजीनियर हरिकिशोर तिवारी ने कहा कि सरकार ने इसका नाम बदलकर दीनदयाल उपाध्याय कैशलेस योजना कर दिया लेकिन इसे अब तक लागू नहीं करा पाई है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव की सरकार में इसे शुरू किया गया था अब एक बार फिर इसे अखिलेश की ही सरकार में लागू करवाया जाएगा।
आउटसोर्सिंग पर लगाम लगाकर आरक्षण बचाएंगे
अखिलेश ने कहा कि आउटसोर्सिंग और नीजिकरण बाबा साहेब के दिये आरक्षण को खत्म करने की साजिश है। इस व्यवस्था से शोषण का जन्म होता है। इसके अलावा कुछ भी हासिल नहीं होता है। उन्होंने कहा कि इसको लेकर भी हमने प्लानिंग तैयार की है और जल्द ही मेनिफेस्टो में इसको लेकर ऐलान किया जाएगा।
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हमारे लैपटॉप आज भी चल रहे, योगी के मोबाइल-टैबलेट में खामियां ही खामियां
अखिलेश यादव ने कहा कि हमारी सरकार में लाखों लैपटॉप बांटे गए जो आज भी चल रहे हैं। जबकि, योगी सरकार ने अभी हाल ही में मोबाइल और टैबलेट दिये हैं, जिनमें कई खामियां आ रहीं हैं। अखिलेश ने कहा कि हमने लैपटॉप बांटे थे, उससे हजारों लोगों ने रोजगार शुरू किया। अखिलेश ने रोजगार के सवाल पर आगे कहा कि लैपटॉप का उदाहरण तो सामने हैं हमने एचसीएल जैसी कई कंपनियों को मौका दिया है और उससे भी रोजगार मिल रहे हैं। आगे जब सरकार बनी तो इसको आगे बढ़ाया जाएगा और एचसीएल जैसी दूसरी कंपनियों को भी मौका दिया जा सकता है।

