वाशिंगटन : फेसबुक की मूल कंपनी मेटा में कम्रचारियों की छंटनी के बीच एच-1बी जैसे कार्य वीजा वालों पर अमेरिका से वापस का संकट खड़ा हो गया है। ऐसे में मेटा ने छटनीशुदा कर्मचारियों को आव्रजन सहायता देने की घोषणा की है। कंपनी के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने कहा कि मुझे पता है कि यदि आप यहां वीजा पर हैं तो यह आपके लिए खासतौर से काफी कठिन है। यहां आपके परिवार को जो मदद चाहिए, उस बारे में मार्गदर्शन करने के लिए हमारे पास आव्रजन विशेषज्ञ मौजूद हैं।
60 दिन में नई नौकरी नहीं मिली तो छोड़ना होगा अमेरिका
बता दें, यदि एच-1बी वीजा धारक नौकरी खो देते हैं। ऐसे में उनके पास अपने एच-1बी वीजा को प्रायोजित करने के किसी दूसरी कंपनी में नौकरी पानी होगी। दूसरी कंपनी में नौकरी 60 दिनों के भीतर ही प्राप्त करनी होगी। इस दौरान नौकरी नहीं मिलने पर उन्हें अमेरिका छोड़ना पड़ता है।
15 फीसद कर्मचारी एच-1बी वीजा पर
अमेरिका स्थित प्रौद्योगिकी कंपनियां बड़ी मात्रा में एच-1बी कर्मचारियों की नियुक्त करती हैं। जिनमें से अधिकत भारत जैसे देशों से आते हैं। फेसबुक एच-1बी पर निर्भर कंपनी है। जिसका अर्थ है कि इसके 15 फीसद से अधिक कर्मचारी एच-1बी वीजा पर काम कर रहे हैं।
मार्क जुकरबर्ग ने कर्मचारियों से जताया खेद
फेसबुक, व्हाट्सऐप और इंस्टाग्राम की मूल कंपनी मेटा प्लेटफॉर्म्स इंक सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने छंटनी के बाद कर्मचारियों से खेद प्रकट किया है। उन्होंने ब्लॉग में लिखा कि कंपनी इस जगह पर कैसे पहुंची। इसकी पूरी जिम्मेदारी उनकी है। वो इन फैसलों और हम यहां कैसे पहुंचे इसकी जवाबदेही लेने के लिए तैयार हैं।
18 साल में इतनी बड़ी छंटनी पहली बार
फेसबुक की स्थापना 2004 में हुई थी। उसके बाद इसका नाम बदलकर मेटा कर दिया गया था। 18 साल में पहली बार फेसबुक से इतने बड़े पैमाने पर लोगों की छटनी की गई और उनको निकाला जा रहा है।
जुकरबर्ग की नेटवर्थ घटी
कभी दुनिया के टॉप-10 रहीसों में शुमार जुकरबर्ग अब अरबपतियों की सूची में 29वें पायदान पर हैं। फोर्ब्स की रियल टाइम बिलेनियर्स सूची के अनुसार, जुकरबर्ग की नेटवर्थ अब महज 33.5 अरब डॉलर रह गई है।

