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जल्द ही दुनिया कहेगी ‘इंडिया इज़ मदर ऑफ डेमोक्रेसी’: प्रधानमंत्री


जल्द ही दुनिया कहेगी ‘इंडिया इज़ मदर ऑफ डेमोक्रेसी’: प्रधानमंत्री

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को नए संसद भवन की नींव रखी, जिसमें आधुनिक सुख सुविधाएं होंगी। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है और मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि पॉलिसी में अंतर हो सकता है, पॉलिटिक्स में भिन्नता हो सकती है, लेकिन हम जनता की सेवा के लिए हैं, इस अंतिम लक्ष्य में कोई मतभेद नहीं होना चाहिए।

राष्ट्रहित के प्रति झलके समर्पण
पीएम मोदी ने कहा कि वाद-संवाद संसद के भीतर हों या संसद के बाहर, राष्ट्रसेवा का संकल्प, राष्ट्रहित के प्रति समर्पण लगातार झलकना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें याद रखना है कि वो लोकतंत्र जो संसद भवन के अस्तित्व का आधार है, उसके प्रति आशावाद को जगाए रखना हम सभी का दायित्व है.हमें ये हमेशा याद रखना है कि संसद पहुंचा हर प्रतिनिधि जवाबदेह है। ये जवाबदेही जनता के प्रति भी है और संविधान के प्रति भी है।

‘इंडिया इज़ मदर ऑफ डेमोक्रेसी’
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के इस मंदिर में इसका कोई विधि-विधान भी नहीं है.इस मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा करेंगे। इसमें चुनकर आने वाले जन-प्रतिनिधि. उनका समर्पण, उनका सेवा भाव, इस मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा करेगा.उनका आचार-विचार-व्यवहार, इस मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा करेगा। पीएम ने कहा कि मतभेद के लिए हमेशा जगह हो लेकिन डिस्कनेक्ट कभी ना हो, इसी लक्ष्य को लेकर हमारा लोकतंत्र आगे बढ़ा है। उन्होंने कहा कि देश में अब भारतीयता के विचारों के साथ नई संसद बनने जा रही है, हम देशवासी मिलकर संसद के नए भवन को बनाएंगे। अगर हम अपने लोकतंत्र का गुणगान करेंगे तो वो दिन दूर नहीं जब दुनिया कहेगी ‘इंडिया इज़ मदर ऑफ डेमोक्रेसी’।

आधुनिक तकनीक से लैस होगा नया संसद भवन
बता दें कि नई संसद पुरानी से बड़ी होगी और इसका डिजाइन भी काफी अलग रहने वाला है। ये नया संसद भवन ना केवल पुराने भवन से बड़ा होगा बल्कि इसका आकार भी गोल ना होकर त्रिभुज के जैसा होगा। करीब 100 पुराने इस भवन को अब एक नया रंग रूप मिलने जा रहा है। नये संसद भवन का निर्माण 2022 तक पूरा होना है। देश की आजादी के 75वें वर्ष में नये भवन में बैठक शुरू होगी। नया संसद भवन आधुनिक तकनीक से लैस होगा। इसमें सुरक्षा के लिए अत्याधुनिक उपकरण लगे होंगे। साथ ही भविष्य को ध्यान में रखते हुये लोकसभा और राज्यसभा कक्षों में सदस्यों के लिए सीटों की संख्या भी बढ़ाई जायेगी।

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