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पूर्व MP शाहिद अखलाक के बेटों ने रेस्टोरेंट में तानी पिस्टल, आरोपियों को जीप में घुमाती रही पुलिस

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मेरठ। बसपा पूर्व सांसद शाहिद अखलाक के बेटे रेस्टोरेंट में पिस्टल लेकर घुस गए। इस पूरे प्रकरण में पुलिस ने लीपापोती करते हुए 151 में आरोपियों का चालान कर दिया है। शाहिद अखलाक मेरठ से पूर्व सांसद और महापौर रह चुके हैं। आज शाहिद अखलाक के बेटे शाकिब और सोहेब पर पिस्टल तानने का आरोप लगा है। बता दें कि इससे पहले भी शाहिद अखलाक के बेटों पर हर्ष फायरिंग के मामले दर्ज हो चुके हैं। उस मामले में भी लीपापोती की जा चुकी है। आज भी कुछ ऐसा ही हुआ। शाहिद अखलाक के दोनों बेटे कचहरी रोड स्थित बिगीज रेस्टोरेंट में पहुंचे और उन्होंने पिज्जा का आर्डर दिया। इसके बाद जब वेटर बिल लेकर पहुंचा तो शाहिद अखलाक के दोनों बेटों ने पिस्टल तान दी। रेस्टोरेंट में पिस्टल तनी तो वहां अफरा—तफरी मच गई। सूचना मिलने पर सिविल लाइन पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस को जब पिस्टल तानने के आरोपियों के बारे में पता चला तो मामले को रफा-दफा करने की शुरू हो गई।

आईजी और एसएसपी के संज्ञान में आने के बाद भी मामला रफा दफा

रेस्टोरेंट में पिस्टल तानने वाले आरोपी बसपा के पूर्व सांसद के बेटे निकले तो मामले में लीपापोती की कोशिश शुरू हो गई। घटना के काफी देर तक पुलिस ने मीडिया को कोई जानकारी नहीं दी। दूसरी ओर इसकी जानकारी आईजी और एसएसपी को लगी तो तुरंत सिविल लाइन इंस्पेक्टर को आरोपियों को पकड़ने के आदेश दिए। इसके बाद पुलिस हरकत में आ गई। लेकिन फिर भी इस पूरे प्रकरण को हल्के में लिया गया और आरोपियों में से सिर्फ एक का 151 में चालान किया गया।

कर्मचारी और रेस्टोरेंट मालिक ने बदले बयान

इस पूरे प्रकरण में अब रेस्टोरेंट के मालिक और कर्मचारी ने भी अपने बयान बदल दिए हैं। मालिक और कर्मचारी के अनुसार दोनों आरोपी रेस्टोरेंट में पिज्जा खाने के लिए आए थे। दोनों ने पिस्टल तान दी। जिसकी सूचना लोगों ने पुलिस को दे दी। एसएसपी ने इस मामले में सिविल लाइन पुलिस को दोनों का 151 में चालान करने के लिए कहा है।

थाना सिविल लाइन पुलिस जीप में घुमाती रही आरोपियों को

थाना सिविल लाइन पुलिस घटना के बाद करीब तीन घंटे तक दोनों आरोपियों को जीप में घुमाती रही। इसकी जानकारी मीडिया को लगी तो एसएसपी से लेकर आईजी तक सक्रिय हो गए। अब इस पूरे प्रकरण में सवाल खड़े हो रहे हैं कि कही पिस्टल बदल तो नहीं दी गई। पुलिस इतनी देर तक आखिर पूरे मामले को मीडिया से क्यों छुपाती रही। इसको लेकर आईजी जांच बिठा सकते हैं। पुलिस ने इस पूरे घटनाक्रम की रेस्टोरेंट की फुटेज देखना जरूरी नहीं समझा। रेस्टोरेंट के कर्मचारी पूरी तरह से चुप्पी साधे हुए हैं। उनका कहना है कि उनको इसके बारे में कोई जानकारी नहींं है।

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