पेट्रोल-डीजल में मूल्य वृद्धि पर सोनिया गाँधी ने प्रधानमंत्री को लिखा पत्र
नई दिल्ली: पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी पर कांग्रेस पार्टी की कार्यकारी अध्यक्षा सोनिया गाँधी ने चिंता ज़ाहिर की है और मोदी सरकार तुरंत रोलबैक की मांग की है। सोनिया गाँधी ने कहा कि कोरोना संकट के दौर में मूल्य वृद्धि का फैसला पूरी तरह असंवेदनशील और गलत है।
सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजे पत्र में कहा है कि जब लोग महामारी और उससे उत्पन्न हालातों के कारण परेशान हैं, ऐसे में भी सरकार उनसे मुनाफा कमाने का कोई मौका नहीं छोड़ रही है। सरकारी क्षेत्र की ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने लगातार दसवें दिन मंगलवार को भी पेट्रोल और डीजल के मूल्य में वृद्धि की है।
गांधी ने अपने पत्र में कहा कि मैं इस बात बेहद परेशान हूं कि मार्च में जब से संकट का दौर शुरू हुआ है, सरकार ने पेट्रोल और डीजल के मामले में पूरी तरह असंवेदनशील और गलत फैसला लिया है। कम से कम दस बार इसी तरह के फैसले करके सरकार ने अपनी असंवेदनशीलता दिखाई। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने गलत सरकार पर फैसला करके करीब 2.6 लाख करोड़ रुपये अतिरिक्त राजस्व कमाया। सरकार ने एक्साइज ड्यूटी और पेट्रोल-डीजल की कीमत में बढ़ोतरी करके राजस्व जुटाया गया।
कांग्रेस अध्यक्ष ने सरकार से मांग की है कि फ्यूल के मूल्य की वृद्धि को तुरंत रोलबैक किया जाए और सस्ते कच्चे तेल का फायदा उपभोक्ताओं को दिया जाए। उन्होंने सरकार से कहा कि अगर वह लोगों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना चाहती है तो उसे लोगों की जेब पर बोझ डालकर उनका आर्थिक शक्ति को कमजोर नहीं करना चाहिए। सोनिया गांधी ने सरकार से संकट के दौर में सीधे आम लोगों के हाथ में पैसा देने का अनुरोध किया।

