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कहीं मंच पर लेटकर मांगी जा रही भीख तो कहीं आंखों में आंसू लाकर सहानुभूति लहर पैदा की कोशिश


कहीं मंच पर लेटकर मांगी जा रही भीख तो कहीं आंखों में आंसू लाकर सहानुभूति लहर पैदा की कोशिश

मेरठ। चुनाव काफी अजीब मोड पर पहुंच चुका है। पहले से लेकर तीसरे चरण तक के मतदान में कोरोना की तीसरी लहर के चलते निर्वाचन आयोग ने दलों की लगाम कसी हुई थी। लेकिन अब जबकि कोरोना संक्रमण कम हो गया है तो ऐसे में चुनाव प्रचार के लिए भी तमाम बंदिशों को खत्म किया जा चुका है। वोट मांगने में प्रत्याशियों और नेताओं ने अब सभी हठकंड़े अपनाने शुरू कर दिए हैं। इनमें भाजपा के नेता नौटंकी करने में सबसे आगे हैं। वोटों के लिए भाजपा के एक जिलाध्यक्ष तो मंच पर मतदाताओं के सामने दंड़वत हो गए वहीं लखनऊ कैंट विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे भाजपा सरकार में कानून मंत्री बृजेश पाठक तो जिलाध्यक्ष से भी आगे निकल गए। चुनाव प्रचार के अंतिम दिन मंत्री बृजेश पाठक ने कई जनसभाओं को संबोधित किया। इन जनसभाओं में एक आलमबाग में थी। इस जनसभा को संबोधित करते हुए बृजेश पाठक इतने भावुक हो गए कि उनकी आंखों से आंसू तक निकल आए। यह देखकर जनसभा में उपस्थित लोग भी शांत हो गए। आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता रेलवे मेंस यूनियन के अध्यक्ष नीरज मिश्रा कर रहे थे। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए नीरज मिश्रा ने बृजेश पाठक को लेकर कसीदें पढ़ने शुरू किए तो बृजेश पाठक इतने भावुक हुए कि उनकी आंखों से आंसू निकल आए। बृजेश पाठक की आंखों में आंसू भर आए और वे काफी देर तक चुप होकर अपने आंसू पोछते रहे।

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