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दो साल से एसओ चला रहे थे चोरी गयी कार


दो साल से एसओ चला रहे थे चोरी गयी कार

कानपुर। बर्रा निवासी ओमेंद्र सोनी के पास एक सर्विस सेंटर से काॅल आया और उन्होंने कार की सर्विस के बारे में ओमेंद्र से प्रतिक्रिया मांगी। मगर सर्विस सेंटर की ओर से किये जा रहे सवालों ने ओमेंद्र को हैरानी में डाल दिया। कारण यह था कि जिस कार की सर्विस करने का दावा सर्विस सेंटर द्वारा किया जा रहा था वह कार तो दो साल पहले बर्रा स्थित एक वाॅशिंग सेंटर से चोरी हो गयी थी। इस मामले में बर्रा थाने में केस दर्ज कराया था लेकिन पुलिस चोरी गयी कार बरामद नहीं कर पाई थी।

ओमेंद्र सच का पता करने के लिये हर्ष नगर की एक कंपनी के सर्विस सेंटर पहुंचे तो पता चला कि को बिठूर एसओ ने 15 दिसंबर कार को सर्विस कराने के लिए सेंटर भेजा था। सर्विस सेंटर ने 22 तारीख को सर्विस कर कार बिठूर एसओ को दे दी थी। अब ओमेंद्र ने आगे पूछताछ की तो बिठुर एसओ ने एक नयी कहानी उनके सामने रख दी। बिठुर एसओ का कहना था कि यह कार बिठूर थाना क्षेत्र में लावारिस बरामद हुई थी। जिसके बाद बिना नंबर की कार को सीज कर थाने में खड़ा कर दिया गया था। थाने में खड़ी कार को एक अन्य कार ने टक्कर मारकर क्षतिग्रस्त कर दिया था इसलिये उसे सही कराने के लिये सर्विस सेंटर भेजा गया था।

इस मामले में शक की सुईं पूरी तरह से बिठूर पुलिस पर जाकर टिक गयी है। चर्चा का विषय बन चुके इस मामले में लोगों का कहना है कि यदि यह कार लावारिस हालत में सीज की गयी तो उसकी तारीख पुलिस क्यों नहीं बता पा रही। थाने में लावारिस खड़ी कार को यदि किसी अन्य कार ने टक्कर मार भी दी तो पुलिस ने उसे सही कराने की बात सोची क्यों। और सही कराई भी तो कार की पूरी सर्विस का खर्चा कौन और क्यों दे रहा है। वहीं पुलिस कह रही है कि कार पर नंबर नहीं था तो सर्विस सेंटर के पास कार और उसके मालिक की पूरी डिटेल कैसे आ आयी। और दो साल से कार लावारिस खड़ी थी। यदि थाने में खड़ी कार को पुलिस इतना ही ध्यान से रखती है तो बिठूर थाना परिसर में खड़ी अन्य कारें कैसे खराब हो रही हैं।

इस मामले में अभी और खुलासे होने बाकी हैं। सूत्रों का कहना है कि यह खेल काफी समय से चला आ रहा है। इस मामले की जांच होने पर कई पर गाज गिरने की संभावना जताई जा रही है।

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