मेरठ। तथाकथित नेता अमित जानी पर पुलिस ने शिकंजा कस दिया है। मेरठ पुलिस ने इस तथाकथित नेता को शातिर अपराधी घोषित किया है। बता दे कि अमित जानी पुलिस से बचने के लिए खादी पहने की फिराक में कई बार दल बदल चुका है। कभी भाजपा तो कभी सपा के पदचिन्हों पर चलने वाला अमित जानी कुछ माह पहले शिवपाल का नजदीकी बना गया था। वह सिवाल खास से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा था। लेकिन यहां पर उसकी दाल नही गली तो वह कांग्रेस में शामिल हो गया। अमित तो उम्मीद थी सिवाल खास से कांग्रेस उसको टिकट देगी। लेकिन यहां पर भी उसको मायूसी ही हाथ लगी। कांग्रेस में शामिल हुआ अमित जानी चंद दिनों बाद ही उल्टे पांव वहां से वापस लौटा। अब इस समय पुलिस का यह शातिर अपराधी आल इंडिया फारवर्ड ब्लॉक जैसी पार्टी के बैनर तले चुनाव लड़ रहा है।
Read also: यूपी का चुनावी घमासान : सपा के चुनाव चिह्न् पर चुनाव लड़ेंगे शिवपाल
सिवाल खास में अस्पताल से लेकर धर्मशाला तक :
पुलिस इस समय अमित जानी के संपत्ति की भी जांच गुपचुप तरीके से कर रही है। पूर्व मुख्यमंत्री मायावती की मूर्ति तोड़कर सुर्खियों में आया अमित जानी रातोंरात नेता बन गया। जिस समय उसने ये हरकत की उस समय प्रदेश में सपा की सरकार थी। अमित जानी को सपा का समर्थक बताया गया तो अमित ने इसको भुनाने की कोशिश की लेकिन वह अपने मकसद में कामयाब नहीं सका। सपा ने अमित को कोई खास तब्वजों नहीं मिली। अमित की अवैध संपत्ति को लेकर गुप्त शिकायत की गई है। पुलिस उसकी अवैध संपत्ति की जांच कर रही है। सिवाल खास से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे अमित जानी ने क्षेत्र में अस्पताल और धर्मशालाएं बनवाने का भी दावा किया है। अभी कुछ दिन पहले एक कार्यक्रम जानी में आयोजित किया था। जिसमें कंबल बांटे गए। उस कार्यक्रम में भगदड़ मच गई थी। जिसके बाद अमित को हिरासत में भी लिया गया था। लेकिन बाद में उसको छोड़ दिया गया।
Read also: मायावती दो फरवरी से करेंगी प्रचार का आगाज, आगरा में होगी पहली जनसभा
अमित जानी पर जानी थाने में गुंडा एक्ट जिला बदर करने की कार्रवाई शुरू हो चुकी है। मेरठ पुलिस द्वारा आख्या दी गयी है कि अमित जानी एक शातिर अपराधी है और ऐसे शातिर अपराधी के क्षेत्र में रहने से अपराध को बढ़ावा मिल सकता है। अपराधी क्षेत्र की जनता के बीच भय और आतंक फैलाने का काम कर सकता है।

