- दिल्ली के ऊर्जा मंत्री सत्येंद्र जैन ने जताई दिल्ली में ब्लैक आउट होने की आशंका
नई दिल्ली। राजधानी को बिजली की आपूर्ति करने वाले थर्मल पावर प्लांट में सिर्फ एक ही दिन का कोयले स्टाॅक बचा है। दिल्ली के ऊर्जा मंत्री सत्येंद्र जैन का कहना है की बिजली आपूर्ति के लिये दिल्ली केंद्र सरकार की ओर से संचालित पावर प्लांट्स पर निर्भर है। यदि दिल्ली को केंद्र से अधिक मात्रा में बिजली आपूर्ति नहीं मिली तो राज्य को बिजली संकट का सामना करना पड़ेगा।
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देश के थर्मल पावर प्लांट्स में कोयले की भारी कमी होने के साथ भारत में भी चीन की तरह बिजली संकट होने की आशंका बढ़ गयी है। इसी बीच राजधानी दिल्ली में बिजली आपूर्ति संकट की शुरूआत हो गयी है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी ट्वीट कर कहा है कि दिल्ली को विद्युत आपूर्ति संकट का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि सीएम केजरीवाल ने स्थिति पर खुद निगाह रखने और हालात पर काबू रखने का हरसंभव प्रयास करने का आश्वासान भी दिया है। केजरीवाल ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर इस मामले में व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप करने को कहा है। केजरीवाल ने पीएम से कहा है कि अगस्त माह से दिल्ली को कोयले की कमी का सामना करना पड़ रहा है जिससे राजधानी को विद्युत आपूर्ति करने वाले प्रमुख केंद्रीय उत्पादन संयंत्र प्रभावित हो रहे हैं।
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वहीं उत्तर-पश्चिमी दिल्ली में विद्युत सप्लाई करने वाले टाटा पावर ने अपने उपभोक्ताओं को मैसेज भेजकर बिजली का प्रयोग संभलकर करने को कहा है ताकि बिजली की कमी होने पर भी आपूर्ति चालू रखी जा सके। टाटा पावर के पास सिर्फ दो दिन का ही कोयले का स्टाॅक बचा है। टीपीडीडीएल अधिकारियों का कहना है कि कोयले का स्टाॅक कम होने से दिल्ली को बिजली कटौती का सामना करना पड़ सकता है।

