पुल से सड़कें पार करेंगे सांप, बनाया ईको ब्रिज

उत्तराखंडपुल से सड़कें पार करेंगे सांप, बनाया ईको ब्रिज

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रामनगर के कालाढूंगी में बनाये पुुल से होगी रेप्टाइल्स के जीवन की रक्षा
रामननगर के वन विभाग की अनोखी पहल बनी आकर्षण का केंद्र

सुनील शर्मा

न्यूज डेस्क। नदी-नालों, सड़कों आदि पर इंसानों और वाहनों के लिये पुल बनते तो आप सभी ने देखे होंगे। मगर क्या सांपों के लिये बना पुल आपने कभी देखा है। यदि नहीं तो आईये उत्तराखंड के रामनगर के वन क्षेत्र में कालाढूंगी में रामनगर-नैनीताल हाईवे पर जहां सांपो सहित रेप्टाइल्स प्रजाति के जीवों के लिये खास पुल बनाया गया है।

वन विभाग के अधिकारियों का मानना है कि हाईवे पर सरीसृप प्रजाति के जीव सड़क पर आने की बजाये पुल से रास्ता पार करेंगे जिससे उनके वाहनों की चपेट में आकर जान गवांने की संभावना कम हो सकेगी।

रामनगर-नैनीताल हाईवे पर कालाढूंगी से 2 किलोमीटर नैनीताल की तरफ रोड के यूटर्न पर अक्सर सड़क पार करते समय रेप्टाइल्स (सरीसृप) के जंतु वाहनों की चपेट में आकर जान गवां देते हैं। ऐसे में सरीसृप प्रजाति का संरक्षण करने और उन्हें दुर्घटनाओं से बचाने के लिये रामनगर वन विभाग के अधिकारियों ने कुछ लीक से हटकर करने की सोची। इस यूटर्न पर वन विभाग ने एक ईको पुल का निर्माण किया है जो दोनों सड़कों के ऊपर से होकर गुजरता है।

दसअसल रेप्टाइल्स खुद भी सड़क पर नहीं आना चाहते। वह अपना रास्ता शांतिपूर्ण इलाके या पेड़ों पर लटक कर तय करते हैं। ऐसे में पुल बन जाने के बाद जल्द ही रेप्टाइल्स को इसका महत्व समझ में आ जायेगा और वह इस पुल की मदद से सड़कों के ऊपर से होकर गुजरना शुरू कर देंगे। रेप्टाइल्स को प्राकृतिक रास्ते का अहसास कराने के लिये इस पुल का निर्माण बांस, जूट और घास से किया गया है। 90 फुट लंबे और 5 फीट चैड़े इस पुल को बनाने में दस दिन का समय और दो लाख रूपये की लागत आई है।

रामनगर वन विभाग के वन क्षेत्राधिकारी अमित ग्वासिकोटी ने बताया कि हाईवे पर अक्सर वाहनोें की चपेट में आने वाले सांप और अन्य रेंगने वाले जीव-जंतुओं खासकर रेप्टाइल्स प्रजाति के अजगर आदि के जान गंवा देने को लेकर विभाग चिंतित है। डीएफओ रामनगर प्रभाग चन्द्रशेखर जोशी का विचार था कि कुछ ऐसा किया जाये जिससे रेप्टाइल्स और अन्य जीव-जंतुओं की सड़क पर वाहनों की चपेट में आने से होने वाली मौतों को रोका जा सके। इस पुल को बनाने के पीछे उद्देश्य यही है कि अधिक से अधिक रैपटाइल्स इसके माध्यम से सड़क को पार करें।

वन विभाग के वन क्षेत्राधिकारी अमित ग्वासिकोटी ने बताया

वन क्षेत्राधिकारी अमित ग्वासिकोटी के अनुसार ईको बेस्ड पुल को उत्तराखंड के रामनगर के वन क्षेत्र की कालाढूंगी रेंज में यू-टर्न पर प्रायोगिक तौर पर बनाया गया है। वहीं पुल पर आने वाले रैपटाईलस पर निगाह रखने के लिये एंट्री और एग्जिट प्वाईंट पर कैमरे लगाये गये हैं जिससे योजना की सफलता का आंकलन किया जा सकेगा। वन विभाग की योजना है कि फतेहपुर रेंज में भी दो इसी प्रकार के पुलों का निर्माण किया जाये।

इस पुल की सफलता और उद्देश्य प्राप्ति का आंकलन तो बाद में किया जायेगा लेकिन रामनगर वन विभाग ने रेप्टाइल्स प्रजाति के जीव-जंतुओं के जीवन की रक्षा के लिये जो अनोखी पहल की है वह बेहद सराहनीय है। यह पुल रामनगर आने वाले पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन गया है। वन विभाग की इस सोच और उद्देश्य प्राप्ति के लिये अपनाये गये रास्ते की चैतरफा सराहना की जा रही है।

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