नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग मामले को लेकर कांग्रेस पार्टी और भाजपा के बीच घमासान छिड़ा हुआ है। इस मामले को लेकर कांग्रेस ने नेता राहुल गाँधी से आज ED के दफ्तर में पूछताछ चल रही है. कांग्रेस पार्टी ED की इस कार्रवाई को मोदी सरकार की बदले की साज़िश बता रही है वहीँ भाजपा कांग्रेस पार्टी पर करप्शन को बढ़ावा देने का आरोप लगा रही है। कांग्रेस पार्टी के हमलों का आज केंद्रीय मंत्री और अमेठी से सांसद स्मृति ईरानी ने पार्टी कार्यालय में प्रेस कांफ्रेंस की जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी करप्शन का समर्थन कर रही है, उन्होंने पत्रकारों को याद दिलाया कि राहुल गाँधी ज़मानत पर बाहर हैं। स्मृति ईरानी ने कहा कि दिल्ली में अपने नेताओं को बुलाकर एक जांच एजेंसी पर दबाव डालना चाहती है कांग्रेस। वह उस आदमी का समर्थन कर रही है जो जेल से बेल पर है. स्मृति ईरानी ने पत्रकारों से पूछा, आप लोग इसे क्या नाम देंगे।
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स्मृति ईरानी ने कहा कि आज जो कांग्रेस नेता राहुल गांधी केउकसावे पर पूरे देश में कर रहे हैं, इसे लोकतंत्र को बचाने का प्रयास नहीं बल्कि गांधी परिवार की 2,000 करोड़ की संपत्ति को बचाने का प्रयास कहा जायेगा। स्मृति ईरानी ने दिल्ली हाई कोर्ट के 2019 एक जजमेंट का हवाला देते हुए कहा “AGL के ऊपर राहुल और सोनिया गांधी का मालिकाना हक गैरकानूनी तौर पर संपत्ति पर अधिकार जमाने का एक प्रयास है.” उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का सत्य क्या है, वो दिल्ली हाई कोर्ट के इस बयान से स्थापित होता है। बता दें कि राहुल को घेरने के लिए भाजपा हमेशा स्मृति ईरानी को लेकर ही सामने आती है।
