नई दिल्ली। देश इस समय महंगाई के दौर से गुजर रहा है। लेकिन देश की सीमा से लगे दो प्रमुख देश इन दिनों आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। इन दोनों देशों में पहले नंबर पर श्रीलंका है। जहां पर आर्थिक संकट के चलते हालात बेहद खराब हैं तो वहीं अब नेपाल के भी हालात आर्थिक संकट से खराब हो रहे हैं। देश की सीमा से लगे दोनों देश नेपाल और श्रीलंका में इन दिनों आर्थिक संकट के हालात बन आए हैं।
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नेपाल के आर्थिक संकट के हालात खराब होने की जानकारी वित्तमंत्री जनार्दन शर्मा ने दी। उन्होंने बताया कि हमने विदेश में रह रहे नेपाली नागरिकों से देश की आर्थिक स्थिति ठीक करने के लिए मदद मांगी है। कुछ विदेशी नेपाली नागरिकों ने मदद भी की है। नेपाल सरकार ने विदेश में रह रहे नेपाली नागरिकों से अपील की है कि वे आर्थिक संकट से गुजर रहे अपने देश के लिए सरकार के बैंक खातों में विदेशी मुद्रा डालें और निवेश करवाए।
कोरोना महामारी के चलते नेपाल का पर्यटन उद्योग पिछले दो साल में बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। जिसके चलते नेपाल के विदेशी मुद्रा भंडार में काफी गिरावट दर्ज की गई है। बता दें कि नेपाल की आर्थिक आमदनी का स्रोत पर्यटन व्यवसाय है। जिससे देश की आर्थिक स्थिति सृदृढ रहती है। दो साल से पर्यटन उद्योग पूरी तरह से ठप है। जिस कारण यहां पर आर्थिक संकट उत्पन्न हुए हैं।
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वहीं नेपाली सरकार ने ईंधन की खपत को कम करने के लिए अप्रैल और मई के महीने में सार्वजनिक अवकाश के अलावा दो अन्य दिन भी छुटटी घोषित करने पर विचार कर रही है। सेंट्रल बैंक ऑफ नेपाल और नेपाल ऑयल कॉरपोरेशन ने सरकार से दो दिन सरकारी अवकाश करने की अपील की है। जिससे अर्थिक स्थिति कुछ सुधर सके।
