पूरे उत्तर भारत में कोहरे के कारण आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. नौकरीपेशा लोगों को घरों से निकलने और ऑफिस जाने में दिक्कत हो रही है. कोहरे के कारण दिल्ली-एनसीआर हो या यूपी का मेरठ या फिर तराई वाले ज़िले, विजिबिलिटी इतनी कम हो गयी है कि 10 मीटर पर कुछ दिखाई नहीं दे रहा है, देर शाम होते ही छोटे शहरों की सड़कें वीरान और बड़े शहरो की सड़कों पर चलना आसान हो गया है. शनिवार सुबह मेरठ कैंटोनमेंट इलाके में घना कोहरा देखने को मिला. शुक्रवार को भी यहाँ रात को पूरा शहर कोहरे की चादर से ढका हुआ था. ऊपर से हवाओं ने सर्दी के एहसास को और बढ़ा दिया है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, शुक्रवार को लखनऊ में अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमशः 30.2 और 16 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.8 और 3.3 डिग्री अधिक था. “मेरठ और कानपुर शहर में अब तक का सबसे कम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।मुजफ्फरनगर में न्यूनतम तापमान 12.6 डिग्री, जो सामान्य से 3.1 डिग्री अधिक, नजीबाबाद में 13, चुर्क में 14.1, फुरसतगंज और सुल्तानपुर में 14.6 डिग्री रहा।
वहीं देश के पहाड़ी राज्यों जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, हिमाचल में 30 दिसंबर से 2 जनवरी के बीच बारिश और बर्फबारी का अनुमान है. इन राज्यों में बर्फबारी का असर मैदानी इलाकों में देखने को मिलेगा और सर्दी बढ़ेगी. मौसम विभाग ने 2 जनवरी और उसके बाद भी उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे मध्य भारत में कड़ाके की सर्दी पड़ने की संभावना जताई है. तेज़ हवाएं सर्दी को में और इज़ाफ़ा करेंगी।
