पंजाब के लोकप्रिय गायक सिद्धू मूसेवाला की दिन दहाड़े हत्या पर पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार अब डैमेज कण्ट्रोल में जुट गयी है. बता दें कि गायक को सरकार की तरफ VIP सिक्योरिटी मिली हुई थी क्योंकि उनकी जान को खतरा था लेकिन पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के एक दिन पहले जारी हुए फरमान से मूसावाला की सिक्योरिटी छीन ली गयी थी और 24 घंटे के अंदर उनकी हत्या हो गयी.
इस हत्या के बाद सरकार सवालों के घेरे में आ गयी और उसने डैमेज कण्ट्रोल की प्रक्रिया शुरू कर दी है. मुख्यमंत्री ने कहा कि सिक्योरिटी वापस लेने वाले फैसले की जांच की जायेगी, मतलब ठीकरा पुलिस पर फोड़ने की तैयारी है. वहीँ घोषणा की गयी है कि मामले की जांच हाईकोर्ट के सिटिंग जज से कराई जाएगी। इसके लिए हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को अनुरोध भी भेज दिया गया है कि जल्द से जल्द किसी जज की इस मामले की जांच के लिए नियुक्ति करें।
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वहीँ सिद्धू मूसेवाला की हत्या का मामला अब राजनीतिक रंग लेने लगा है, भाजपा ने कल ही आम आदमी पार्टी की सरकार पर सवाल उठाया था, कांग्रेस पार्टी आज विरोध प्रदर्शन कर रही है. वहीं इस मामले में बड़ा खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया कि हत्या गंगवार का नतीजा है. कनाडा बेस गैंगस्टर गोल्डी बरार ने इस हत्या की ज़िम्मेदारी ली है जिसका खुलासा उसने अपने फेसबुक पोस्ट पर किया है. पुलिस के मुताबिक हत्या की साज़िश तिहाड़ जेल में बंद माफिया लारेन्स बिश्नोई ने रची थी और इसके लिए गुर्गों को सुपारी दी गयी थी. इस मामले में संदेह के आधार पर अभी कुल 6 लोगों को हिरासत में लिया गया है.
मामले की तफ्तीश में सामने आया कि सिद्धू मूसेवाला की हत्या की प्लानिंग पहले भी की गयी थी लेकिन तब vip सिक्योरिटी होने की वजह शूटरों को मौका नहीं मिल पाया था. इस मामले में शाहरुख़ नाम के शूटर को सुपारी दी गयी थी, जिसने कड़ी सिक्योरिटी की वजह से सुपारी वापस कर दी थी. मामला चूंकि एक VIP से जुड़ा है, यह भी एक संयोग है कि सिक्योरिटी वापस लेने वाले फैसले के तुरंत बाद यह काण्ड हो गया, मान सरकार के लिए यह बिलकुल सर मुंडाते ओले पड़ने जैसी बात हो गयी. आम आदमी पार्टी को गुजरात और हिमाचल प्रदेश के चुनाव की भी चिंता है और इसी लिए सरकार इस केस को जल्द जल्द हल करना चाहती है.

