Site icon Buziness Bytes Hindi

Shraddha Murder Case: प्यार का ऐसा भी हो सकता है अंजाम

shraddha murder case

क्या प्यार की इन्तहा ऐसी हो सकती है, एक प्रेमी अपनी उस प्रेमिका के साथ जो उसके लिए अपने माँ बाप को छोड़ दे और लिव इन रिलेशन में रहे उसकी हत्या कर दे और फिर उसके शरीर के टुकड़े टुकड़े कर दे, वह भी एक दो नहीं बल्कि 35 और फिर उन टुकड़ों को रोज़ाना ठिकाने लगाने के लिए जंगल में जाय. रोंगटे खड़े हो जाते हैं इस कहानी को सुनकर। लेकिन श्रद्धा और आफताब के प्रेम का अंत ऐसा ही हुआ है. हत्यारे आफताब को पुलिस ने भले भले ढूंढ निकाला हो लेकिन श्रद्धा के शरीर के अभी बहुत से टुकड़े नहीं ढूंढ पायी है .

शरीर के टुकड़ों को रात में लगता था ठिकाने

कहानी बिलकुल फ़िल्मी लगती है लेकिन असली है, भले ही मामला 6 महीने पुराना है लेकिन खुलासा अब हुआ है. हत्या तो 18 मई को हुई थी लेकिन कातिल अब पकड़ा गया. हत्यारोपी आफताब पूनावाला 5 दिन की पुलिस हिरासत में है। उसने अपनी लिव इन पार्टनर के 35 टुकड़ों को 18 रातों तक ठिकाने लगाया है. किसी की हत्या करने के बाद उसके शरीर के टुकड़ों के साथ इतने दिन कैसे रहा यह दुर्दांत अपराधी, हैरानी होती और गुस्सा भी आता है.

यह थी पूरी कहानी

बहरहाल गिरफ़्तारी के बाद पुलिस से जो पूरी कहानी निकलकर सामने आयी उसके मुताबिक मुंबई में श्रद्धा और आफताब की मुलाकात हुई, ज़ाहिर सी बात अलग धर्म का होने की वजह से श्रद्धा के परिवार ने ऐतराज़ जताया लेकिन प्यार में पागल श्रद्धा ने परिवार को छोड़ दिया और दिल्ली आफ़ताब के साथ चली गयी. धीरे धीरे परिवार से सम्बन्ध पूरी तरह ख़त्म हो गया. श्रद्धा ने परिवार को छोड़ दिया मगर मां बाप उसे कैसे छोड़ते, जब उनके फोन कॉल भी रिसीव होना बंद हो गए तो श्रद्धा के पिता दिल्ली पहुंचे उसे खोजते हुए लेकिन वहां पर उन्हें ताला लटका मिला।

शादी के लिए दबाव डाल रही थी श्रद्धा

तब श्रद्धा के पिता ने 12 अक्टूबर को दिल्ली के महरौली थाना में अपनी बेटी के अपहरण की एफआईआर दर्ज कराई. शिकायत पर केस दर्ज कर पुलिस आफताब की तलाश में जुट गई और कुछ ही दिन में आफताब को खोज निकाला. पुलिस की पूछताछ में आफताब ने अपना जुर्म कुबुल कर लिया, आफताब के मुताबिक हत्या का कारण श्रद्धा का शादी के लिए लगातार दबाव बनाना था, जिसकी वजह से एकदिन झगड़ा इतना बढ़ा कि उसने श्रद्धा की हत्या कर दी। उसके बाद की उसने जो कहानी बताई वह बहुत घिनावनी थी.

Exit mobile version