अखिलेश के साथ हाथ मिलाना का पहला नुकसान शिवपाल यादव को हुआ है, योगी सरकार ने अब उनकी सुरक्षा का लेवल Z से घटाकर Y कर दिया है. प्रदेश पुलिस के सुरक्षा विभाग ने इस बारे में एक पत्र भेजकर सपा सांसद को जानकारी दी है. शिवपाल को योगी सरकार द्वारा Z कैटेगरी सुरक्षा की रेवड़ी तब मिली थी जब उनके और अखिलेश के बीच संबंधों में खटास अपने चरम पर थी. शिवपाल ने नई पार्टी का गठन कर लिया था. लेकिन अब बड़े भाई मुलायम सिंह के निधन के बाद हालात बदले और यादव परिवार मैनपुरी उपचुनाव में एक हो गया तो शिवपाल को योगी सरकार से मिले तोहफे में कटौती कर दी गयी.
फैसले के पीछे मैनपुरी उपचुनाव
शिवपाल यादव की सुरक्षा घटाने के योगी सरकार के फैसले को मैनपुरी उपचुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है. कहा जा रहा है कि योगी सरकार को शिवपाल का अखिलेश से समझौता करना पसंद नहीं आया और इसी लिए सुरक्षा घटाने की कार्रवाई हुई है, कहा तो यह भी जा रहा है कि योगी सरकार की तरफ से शिवपाल यादव और उनकी पार्टी प्रस्पा को दी गयी अन्य सुविधाओं में भी कटौती की जायेगी।
पारिवारिक फूट का फायदा उठाना चाहती थी भाजपा
बता दें कि मुलायम सिंह के निधन के बाद यादव परिवार अब एकजुट नज़र आ रहा है. पिछले दो चुनावों में परिवार में फूट का भाजपा को भरपूर फायदा मिला था. भाजपा को उम्मीद थी कि मैनपुरी उपचुनाव में इस पारिवारिक फूट का फायदा मिलेगा लेकिन हालात बदल गए और अखिलेश-शिवपाल एक हो गए. बकौल शिवपाल बहू ने उन्हें फोन किया और कहा चाचा आ जाओ, आपकी ज़रुरत है तो हम आ गए और एक हो गए.
