जन्माष्टमी पर प्रदेशवासियों को बधाई देने के बहाने प्रस्पा मुखिया शिवपाल यादव ने अपने भतीजे और सपा मुखिया अखिलेश यादव पर अपरोक्ष रूप से हमला करते हुए उनकी तुलना कंस से की है, इसी के साथ उन्होंने खुद को श्रीकृण का अवतार बताने की कोशिश की है. जन्मआष्ट्मी पर अपने कटाक्ष वाले बधाई सन्देश में शिवपाल यादव ने कहा कि समाज में जब भी कोई कंस अपने पूज्य पिता को छल-बल से अपमानित कर उन्हें पद से हटाकर अनाधिकृत कब्ज़ा स्थापित करता है, तो धर्म की रक्षा के लिए मां यशोदा के लाल ग्वालों के सखा योगेश्वर श्रीकृष्ण अवतरित होते हैं.
शिवपाल ने लिखा कि यदुवंशी वीरों निःसंदेह प्रस्पा भी ईश्वर द्वारा रचित किसी विराट नियति और विधान का परिणाम है। स्वाभाविक तौर पर ऐसे में धर्म की रक्षा में आपका दायित्व भी महत्वपूर्ण है, इसलिए यदुवंशी वीरों! समाज में धर्म की स्थापना, शांति, सुरक्षा, सद्भाव,समरसता, समन्वय व एकता और लोक कल्याण के लिए मैं आप सभी का आह्वान करता हूं।
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शिवपाल यादव का एक पत्र सोशल मीडिया में वायरल हुआ है जिसमें उन्होंने श्री कृष्ण के जन्मोत्सव की बधाई और शुभकामनाएं शुभकामनायें देते हुए लिखा है कि विश्व गुरु भगवान कृष्ण का वंदन है। सम्पूर्ण विश्व को गीता का ज्ञान देने यदुवंश शिरोमणि भगवान श्रीकृष्ण जगत गुरु हैं, शाश्वत सनातन भगवान श्रीकृष्ण सभी यदुवंशजों के साथ-साथ सम्पूर्ण विश्व गौरव हैं। शिवपाल ने आगे लिखा कि धर्म की रक्षा के लिए योगेश्वर श्रीकृष्ण अवश्य अवतार लेते हैं और अपने योग माया से अत्याचारियों को दंड देकर धर्म की स्थापना करते हैं। शिवपाल ने लिखा कि गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने स्वयं कहा है कि “यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत। अभ्युत्थानमधर्मस्य तदात्मानं सूजाम्यहम्।“
