लखनऊ। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी ने अपनी सभी इकाईयों और प्रकोष्ठ को भंग कर दिया है। इसके बाद अब यह लगभग तय हो गया है कि शिवपाल सिंह यादव और उनके बेटे भाजपा में शामिल होंगे।
सूत्रों का दावा है कि इसकी तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं और 19 अप्रैल को आधिकारिक रूप से शिवपाल यादव भाजपा के हो जाएंगे। यह भी कहा जा रहा है कि शिवपाल यादव को भाजपा केंद्र में और बेटे आदित्य यादव को यूपी की योगी सरकार में बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है।
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भाजपा शिवपाल यादव के सहारे सपा के कोर वोट बैंक यानी यादवों को अपने पाले में लाना चाहती है। 2024 के पहले भाजपा शिवपाल यादव को जिम्मेदारी देकर अपने इस लक्ष्य की ओर कदम बढ़ा सकती है। अखिलेश यादव से लगातार नाराजगी के बीच शिवपाल यादव के भाजपा में जाने की अटकलों पर अब विराम लगता हुआ दिखाई दे रहा है। माना जा रहा है कि आधिकारिक तौर पर 19 अप्रैल को भगवा खेमे में शामिल हो जाएंगे।
शुक्रवार को उन्होंने अपनी पार्टी यानी प्रसपा की सभी इकाईयों और प्रकोष्ठों को भंग कर दिया है। महासचिव आदित्य यादव ने शुक्रवार को इसका ऐलान करते हुए कहा कि प्रदेश कार्यकारिणी एवं राष्ट्रीय व प्रादेशिक प्रकोष्ठों को अध्यक्ष सहित व संपूर्ण प्रवक्ता मंडल को तत्काल प्रभाव से भंग किया जाता है।
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केंद्र और राज्य दोनों सरकारों में हिस्सेदारी
शिवपाल यादव को बेटे समेत केंद्र और राज्य सरकार में बड़ी जिम्मेदारी मिलने की बात कही जा रही है। कहा जा रहा है कि शिवपाल यादव को राज्यसभा भेजा सकता है, जहां पर उन्हें मोदी सरकार में शामिल किया जाएगा।
वहीं बेटे आदित्य को उनकी खाली हुई विधानसभा सीट जसवंतनगर से उपचुनाव लड़ाया जाएगा और योगी सरकार के मंत्रिमंडल में शामिल किया जाएगा। हालांकि इन मुद्दों पर प्रसपा नेताओं ने चुप्पी साध ली है।
चुनाव के पहले भी हुई थी बात
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 के पहले भी भाजपा और शिवपाल यादव के बीच बातचीत हुई थी। तब शिवपाल यादव ने अखिलेश के साथ हुए करार का हवाला देकर भाजपा के साथ जाने से इनकार कर दिया था।
सूत्रों का कहना है कि उसी समय बीजेपी ने शिवपाल यादव को केंद्र में मंत्री और यूपी की सरकार बनने के बाद बेटे आदित्य को यूपी में मंत्री बनाने के साथ ही उनके आठ लोगों को समायोजित किये जाने का ऑफर मिला था। लेकिन, तत्कालीन परिस्थितियों के अनुसार शिवपाल ने अखिलेश के ही साथ रहने का निर्णय लिया था।

