पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 2024 के आम चुनाव में मोदी राज को खत्म करने के लिए ही ममता बनर्जी और अन्य नेताओं के साथ विपक्षी खेमे की अग्रिम पंक्ति में आए हैं। यह बात पूर्व भाजपा नेता और तृणमूल कांग्रेस से सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने आज बुधवार को कही। शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि नीतीश ने मप्र और महाराष्ट्र में विपक्षी दलों की सरकारों को उखाड़ फेंकने वाली भाजपा को अपनी बनाई दवा का स्वाद चखा दिया है। बिहारी दांव के आगे भाजपा के दिग्गज नेता और उसके चाणक्य धराशाही हो गए हैं। अगले लोकसभा चुनाव में नीतीश कुमार और ममता बनर्जी में से कई एक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ विपक्षी चेहरे के रूप में सामने होगा। अभिनेता.से राजनेता बने बिहारी बाबू ने कहा कि कि देश के लोग और विपक्षी दलों के नेता इसे उचित समय पर ही तय करेंगे।
अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे शत्रुघ्न सिन्हा हाल ही में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस से पश्चिम बंगाल के आसनसोल से लोकसभा सीट से सांसद बने हैं। लोकप्रिय रूप से ‘बिहारी बाबू’ कहे जाने वाले अभिनेता.राजनेता ने 2019 के आम चुनाव में पटना साहिब सीट से टिकट नहीं मिलने के बाद भाजपा को अलविदा कह दिया था। भाजपा से अलग होने से पहले सिन्हा ने कई मौकों पर पीएम नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह पर जमकर निशाना साधा था और उनके खिलाफ ‘एक आदमी की पार्टी और दो आदमी की सेना’ जैसे स्लोगन का उपयोग किया था।
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कांग्रेस में लो प्रोफाइल रहने के बाद शत्रुघ्न ने तृणमूल कांग्रेस की ओर रुख किया और ममता बनर्जी ने उन्हें बाबुल सुप्रियो द्वारा खाली की आसनसोल लोकसभा सीट पर उपचुनाव के लिए चुन लिया गया। सिन्हा ने कहा कि देर से ही सही नीतीश कुमार ने भाजपा को अपनी दवा का स्वाद चखा ही दिया। जो उन्होंने मध्य प्रदेश और अब महाराष्ट्र में धन शक्ति का उपयोग करके हासिल किया था। आज जब नीतीश कुमार ने उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के साथ आठवीं बार बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली तो सिन्हा अपने पैतृक शहर पटना में ही थे। उन्होंने कहा कि अपने साहसिक फैसले के कारण नीतीश कुमार अगले संसदीय चुनाव में मोदी राज के पतन का नेतृत्व करने के लिए ममता बनर्जी और अन्य लोग विपक्षी खेमे में अग्रिम पंक्ति में एक साथ हैं।
