आज से शारदीय नवरात्रि की शुरूआत हो रही है। शारदीय नवरात्रि का आज पहला दिन है। आज ही घरों में कलश की स्थापना की जाएगी। हर साल अश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा पर कलश स्थापना के साथ नौ दिनों तक मां दुर्गा के स्वरूपों की पूजा उपासना की जाती है। धर्मग्रंथों के मुताबिकक नवरात्रि माता भगवती की आराधना का श्रेष्ठ समय है। जगत उत्पत्ति,पालन और प्रलय तीनों व्यवस्थाएं जिस शक्ति के अधीन संपादित होती हैं वो भगवती आदि शक्ति हैं। देवी भागवत के अनुसार देवी ब्रह्मा,विष्णु एवं महेश के रूप में सृष्टि का सृजन,पालन और संहार करती हैं। नवरात्रि के पहले दिन आश्विन शुक्ल प्रतिपदा को घटस्थापना के साथ दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की उपासना की जाती है। मां शैलपुत्री देवी पार्वती का स्वरूप हैं जो सहज भाव से पूजन करने से शीघ्र प्रसन्न हो जाती हैं। भक्तों को मनोवांछित फल प्रदान करती हैं। मन विचलित होता हो और आत्मबल में कमी हो तो मां शैलपुत्री की आराधना करने से जरूर लाभ मिलता हैं।
मां शैलपुत्री का स्तवन मंत्र
वन्दे वाञ्छितलाभाय चन्द्रार्धकृतशेखरा।
वृषारुढां शूलधरां शैलपुत्रीं यशस्विनी॥
नवरात्रि घटस्थापना का शुभ मुहूर्त 2022
26 सितंबर केा आज सोमवार 2022
घटस्थापना मुहूर्त: प्रातः 06ः11 से प्रातः 07ः51 मिनट तक
घटस्थापना अभिजीत मुहूर्त . सुबह 11ः54 से दोपहर 12ः42 तक रहेगा।
