बागेश्वर महाराज धीरेंद्र शास्त्री इन दिनों बड़ी चर्चा में, हर जगह उनके बयानों और चमत्कारों पर बहस हो रही है, क्या मेन स्ट्रीम मीडिया और क्या सोशल मीडिया। उनके चमत्कारों पर सवाल उठाने वालों को वो सनातन धर्म का विरोधी बता रहे हैं. कल एक वीडियो में तो एक चैनल के पत्रकार ने बागेश्वर महाराज के चमत्कार का लोहा मान लिया, पत्रकार को चमत्कार दिखाने के बाद धीरेन्द्र शास्त्री ये भी कहते हैं कि बस अब इसके बाद वो किसी भी सवाल का जवाब नहीं देंगे, वहीँ अब इस विवाद में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की इंट्री हो चुकी है. शंकराचार्य ने बागेश्वर बाबा को चुनौती देते हुए कहा कि वो जोशीमठ आकर दरकती ज़मीन और मकानों की बढ़ती दरारों को रोक कर दिखाएँ तो वो उनके चमत्कार पर विशवास कर लेंगे.
अलौकिक शक्ति है तो धर्मान्तरण रोकिये
शंकराचार्य ने आगे कहा कि अगर वो ऐसा चमत्कार करने में सफल होते हैं तो फिर हम उनकी जय जयकार करेंगे। उन्होंने कहा कि कोई भी संत मनमाना बयान नहीं दे सकता, मैं भी नहीं. उन्होंने धीरेन्द्र शास्त्री को चुनौती देते हुए कहा कि अगर आपके पास अलौकिक शक्तियां हैं तो धर्मांतरण को रोकिए, घरों के क्लेश को रोकिये। शंकराचार्य ने कहा कि अगर वह अपनी चमत्कारिक शक्ति से किसी को आत्महत्या करने से रोक दें, समाज में शांति स्थापित कर दें तो हम चमत्कार मानेंगे.
राजनीतिक कारणों से हो रहा है धर्मांतरण
धर्मांतरण के मुद्दे पर टिप्पणी करते हुए शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि धर्मांतरण धार्मिक रूप से नहीं बल्कि विशुद्ध राजनीतिक कारणों से हो रहा है. राजनीतिक दलों को लगता है कि इससे उनका वोट बैंक बढ़ जाएगा. उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियों का धर्म से कोई लेना-देना नहीं. शंकराचार्य ने आगे कहा कि सनातन धर्म में राजा धर्म से विमुक्त होगा तो साधु-संन्यासी उसे दंड देंगे. लेकिन इस्लाम में ईसाईयत में ऐसा नहीं नहीं, इस्लाम में खलीफा और इसाई में पोप है. बता दें कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने शनिवार को बिलासपुर में आयोजित धर्मसभा में यह बयान दिया है.
