Shani Rashi Parivartan 2022: 5 जून को फ़िर वक्री होंगे शनिदेव, मकर राशि के करेंगे 12 जुलाई को प्रवेश

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शनि का राशि परिवर्तन इस साल कई बड़ी घटनाएं करवाएगा। 5 जून को एक बार फ़िर शनि देव कुंभ राशि में वक्री हो जाएंगे इनकी चाल पीछे की ओर चलेगी साथ ही इनकी गतिभी हो जाएगी। 30 साल बाद मकर राशि से निकलकर शनि देव कुंभ राशि में पहुंचे हैं। यहां भी 75 दिन की यात्रा कर ये 12 जुलाई को वापस मकर राशि में प्रवेश करेंगे। इसके बाद 17 जनवरी 2023 में शनिदेव का कुंभ राशि में प्रवेश होगा और यह लंबे समय तक इस राशि में बने रहेंगे।

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बढ़ेगी अप्रिय घटनाएं, दुनिया भर पर होगा असर

ज्योतिषाचार्य डॉ अनीस व्यास बताते हैं कि शनि और मंगल का योग होने से अनचाहे और अप्रिय घटनाओं का अंदेशा काफी बढ़ जाता है। इस दौरान प्राकृतिक आपदाएं,  आतंकी घटनाएं, सुरक्षा और सेहत खराब होने जैसी घटनाएं देखने को मिल सकती हैं। यही नहीं देश-दुनिया में अस्थिरता बढ़ेगी। इस अशुभ योग से देश में हिंसात्मक गतिविधियां भी देखने को मिल सकती है। मौसम में भी काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिलेंगे। वही दुर्घटनाएं, उपद्रव, आगजनी, देश-दुनिया में तनाव, शीत युद्ध समेत शेयर बाजार में भी उधर पुथल दिखाई दे सकती है।

तीन राशियों पर होगा विशेष असर

ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि शनि के ग्रह परिवर्तन की वजह से सबसे ज्यादा असर 3 राशियों पर दिखाई देगा। कर्क, वृश्चिक और मीन राशि वालों को बेहद सावधान रहने की जरूरत है। इन लोगों के रिश्तो में तनाव बढ़ने की संभावना है। कार्यस्थल पर भी परेशानियां आ सकती हैं। वहीं सेहत में भी काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिलेंगे। इस दौरान इन 3 राशियों को लेनदेन, निवेश में काफी सतर्कता बरतनी होगी, लापरवाही बरतने से बड़ा नुकसान झेलना पड़ सकता है। इसके अलावा दुर्घटना आगजनी और जोखिम भरे कामों से नुकसान भी उठाना पड़ सकता है। वहीं धनु राशि वालों की साढ़ेसाती समाप्त हो चुकी है। अब इन्हें राहत मिलने की उम्मीद है। जबकि कर्क और वृश्चिक राशि वालों पर ढैय्या का प्रभाव रहेगा।

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पूजा-पाठ से बनेंगे सारे काम

शनि और मंगल ग्रह के अशुभ प्रभाव को कम करने और सुविधा प्राप्त करने के लिए शिव उपासना और हनुमंत उपासना बेहद जरूरी है। यह दोनों संजीवनी बूटी की तरह मनुष्य के जीवन में कार्य करेंगे। मंगलवार- शनिवार को हनुमानजी की पूजा,हनुमान व शनि चालीसा का पाठ, शनि मंदिर में छाया दान अवश्य करें। इसके अलावा गरीब,बुजुर्ग, असहाय लोगों को भोजन कराएं। पशु-पक्षियों के लिए दाने, हरे चारे, पानी की व्यवस्था करें। तेल दान करने से भी काफी राहत मिल सकती है। काले कुत्ते को शनिवार के दिन सरसों के तेल से बनी रोटी अवश्य दें। पीपल के पेड़ के पास सूर्यास्त के समय सरसों के तेल का दीपक जलाने से भी शनि के दोषों से मुक्ति मिलती है। वही ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि इस दौरान किसी भी असहाय को बेवजह परेशान ना करें। मांस मदिरा का सेवन भूलकर भी ना करें। अनैतिकता और कमजोर व्यक्तियों का अपमान करने से बचें। वह बताते हैं कि शनि न्याय के देवता है और इस समय में ऐसे सभी लोगों को न्याय मिलेगा जो किसी अन्याय से पीड़ित हैं।

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