डॉक्टर बनने का सपना था, पर अब पिता की हत्या का बदला लेना मक़सद…गैंगस्टर
कानपूर । गैंगस्टर विकास दुबे से एनकाउंटर में शहीद हुए यूपी पुलिस के डीएसपी देवेन्द्र मिश्रा की बेटी ने पुलिस फोर्स ज्वाइन कर अपने पापा के सपनो को पूरा करने की बात कही। कानपुर के चौबेपुर थाना क्षेत्र में बीते 3 जुलाई को बिकरू गांव में गैंगस्टर विकास दुबे के साथ हुई मुठभेड़ में डीएसपी देवेन्द्र मिश्रा समेत 8 पुलिसवाले शहीद हो गए थे। पुलिस टीम का नेतृत्व देवेन्द्र मिश्रा ही कर रहे थे।
एक इंटरव्यू में शहीद देवेन्द्र मिश्रा की बड़ी बेटी वैष्णवी ने कहा कि वह पहले डॉक्टर बनना चाहती थी लेकिन अब वो पुलिस फ़ोर्स ज्वाइन करके विकास दुबे जैसे अपराधियों का सही चेहरा लोगो के सामने ला कर उनको उनकी सही जगह पहुंचा कर अपने पापा का सपना पूरा करना चाहती है | उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने पापा के फ़ोन में तत्कालीन एसएसपी को लिखा लेटर और उनके बीच हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग देखी तो आज उन्होंने वो सब मिडिया के सामने लाने की बात भी कही | शहीद देवेन्द्र की छोटी बेटी वैशाली सिविल सेवा में जाना चाहती हैं। 12वीं कक्षा की पढ़ाई कर रही वैशाली ने कहा कि वो सिविल सेवा की तैयारी कर रही हैं।
दरअसल सोशल मिडिया पर एक पत्र वायरल हो रहा है जिसे शहीद हुए सी ओ देवेंद्र मिश्रा ने तत्कालीन एसएसपी अनंत देव को लिखा था | पत्र में शहीद सीओ ने चौबेपुर थाने के एस ओ विनय तिवारी के खिलाफ कई शिकायतें की थी जिसमें एक शिकायत एसओ और हत्यारोपी विकास दुबे के संबंध को लेकर थी | शिकायत के बावजूद एसओ ने हिस्ट्रीशीटर विनय तिवारी के खिलाफ कोई करवाई नहीं की थी |

