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Shah Rukh Khan: शाहरुख नहीं उठा सकते थे डिजाइनर का खर्च, गौरी ने किया था मन्नत को डिजाइन

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मुंबई। शाहरुख की पत्नी गौरी ने अपनी कॉफी टेबल बुक ‘माय लाइफ इन डिजाइन’ लॉन्च की। किताब की प्रस्तावना में शाहरुख ने गौरी के बारे में बहुत कुछ दिलचस्प राजों को खोला है। बॉलीवुड के सुपर हीरो शाहरुख खान अपनी पत्नी गौरी खान, बच्चों सुहाना और आर्यन खान के साथ ‘मन्नत’ में बेहद आलीशान जीवन जीते हैं। हालांकि, इस मुकाम तक पहुंचने के लिए उन्होंने फर्श से अर्श तक का सफर तय किया है। हाल ही में शाहरुख की पत्नी गौरी ने अपनी कॉफी टेबल बुक ‘माय लाइफ इन डिजाइन’ लॉन्च की है। किताब की प्रस्तावना में शाहरुख ने अपनी पत्नी गौरी के बारे में कुछ दिलचस्प बातें लिखी हैं।

कई बड़े स्टार्स के घर का इंटीरियर डिजाइन कर चुकी हैं गौरी

शाहरुख की पत्नी गौरी पेशे से इंटीरियर डिजाइनर हैं, जो ‘मन्नत’ के साथ-साथ बॉलीवुड के कई बड़े स्टार्स के घर का इंटीरियर डिजाइन कर चुकी हैं। अब गौरी के पेशे से जुड़ी एक खास बात शाहरुख ने किताब की प्रस्तावना में बताई है। किताब के प्रस्तावना के कुछ स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिसमें शाहरुख में बताया कि कैसे गौरी ने पहली बार डिजाइन करना शुरू किया था।

शाहरुख ने बताया कि यह वह समय था, जब उन्होंने अपना पहला घर खरीदा था और वह अपने पहले बच्चे आर्यन खान को पाल रहे थे। उस समय चीजें काफी महंगी थीं और वह एक डिजाइनर का खर्च नहीं उठा सकते थे। यह सब देख गौरी ने यह काम अपने ऊपर ले लिया और उन्होंने इंटीरियर डिजाइनिंग का काम शुरू किया। जिससे उनके लिए चीजें बहुत आसान हो गईं। शाहरुख ने लिखा, ‘कहने की जरूरत नहीं है कि यह हमारे संसाधनों से परे था, लेकिन हमें रहने की जगह की आवश्यकता थी, क्योंकि हम आर्यन की उम्मीद कर रहे थे, इसलिए चुनाव किया गया कि जब हमारे पास पैसा होगा तो हम कोशिश करेंगे और सामान खरीदेंगे। हम खर्च नहीं कर सकते थे, इसलिए डिजाइनर का काम गौरी ने ले लिया।

घर पर बढ़ई बुलाकर बनवाया सोफा

शाहरुख ने बताया, ‘हम एक बार एक सोफा खरीदने गए थे, लेकिन क्योंकि वह बहुत महंगा था तो हमने अपनी एक यात्रा के दौरान सोफे के लिए चमड़ा खरीदा और बढ़ई का इंतजार किया। सोफे का डिजाइन नोटबुक में गौरी ने तैयार किया था। कुछ साल तक ऐसा ही चलता रहा, जैसे-जैसे चीजें हमें अच्छी लगने लगीं, हमने बड़ा घर ‘मन्नत’ खरीदा। कहानी एक ही थी कि हमने अपना सारा पैसा संपत्ति पर खर्च कर दिया था और इंटीरियर के लिए कुछ भी नहीं बचा था। उस समय अपने आप ही गौरी हमारी इंटीरियर डिजाइनर बन गईं।

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