कुंभ मेला पर कोविड बंदिशों का साया

उत्तराखंडकुंभ मेला पर कोविड बंदिशों का साया

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कुंभ मेला पर कोविड बंदिशों का साया

कुंभ मेला में आने वाले श्रद्धालुओं को कठिन गाइडलाइन का करना होगा पालन
कड़ी बंदिशों के चलते निराशा का सामना करना पड़ सकता है अनेक श्रद्धालुओं को

हरिद्वार। कुंभ मेला-2021 पर कोविड गाइडलाइन की कठिन बंदिशों का साया मंडरा रहा है। पतित पावनी मां गंगा के पवित्र जल में स्नान कर अपना जन्म सफल करने की चाह में कुंभ मेला में आने वाले श्रद्धालुुओं को हरिद्वार आने से लेकर स्नान करने तक तमाम बंदिशों का सामना करना पड़ेगा। ऐसे में कुंभ मेला में स्नान करने की मंशा मन में लिये अनेक श्रद्धालुओं को निराशा का सामना करना पड़ सकता है।

ऐतहासिक कुंभ मेले को कोरोना संक्रमण से मुक्त रखने के लिये केंद्र सरकार की ओर से कड़ी गाइडलाइन जारी की जा चुकी है। वहीं अब जिला प्रशासन ने भी कुंभ मेला के लिये एसओपी जारी कर तमाम बंदिशें लागू कर दी हैं। एसओपी के अनुसार 11 फरवरी और 16 फरवरी को होने वाले कुंभ के पर्व स्नान के लिए हरिद्वार आने वाले श्रद्धालुओं को 72 घंटे पहले की कोविड-मुक्त होने की आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट लाना अनिवार्य होगा। वहीं कुंभ के पर्व स्नान के लिये आने से पहले कुंभ की वेबसाइट www.haridwarkumbhmela2021.com पर आवेदन करना भी अनिवार्य किया गया है। स्नान के दौरान श्रद्धालुओं को सामाजिक दूरी बनाये रखना, सेनेटाइजेशन का ध्यान रखने और मास्क पहनने के निर्देश भी दिये गये हैं।

मात्र 20 मिनट में करना होगा श्रद्धालुओं को स्नान

कुंभ मेला को लेकर जारी एसओपी के अनुसार श्रद्धालुओं को स्नान करने के लिये मात्र 20 मिनट का समय मिलेगा। 20 मिनट का समय पूरा होते ही घाट पर तैनात कर्मचारी श्रद्धालुओं को वहों से निकालना शुरू कर देंगे। इसके बाद ही अगले जत्थे को घाट पर आने दिया जायेेगा। वहीं मेला क्षेत्र में सामूहिक भजन करने व भंडारे का आयोजन करने पर प्रतिबंध लगाया गया है। एसओपी के अनुसार स्नान घाट क्षेत्र में गर्भवती महिलाओं, दस वर्ष कम आयु के बच्चे और 65 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों को प्रवेश करने से हतोत्साहित किया जायेेगा। पूर्व मेें भी इनको स्नान के लिये न आने की अपील की जा चुकी है।

मास्क, दस्ताने के निस्तारण को स्नान घाट पर डस्टबिन रखने, बायोमेडिकल वेस्ट निस्तारण की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिये गये हैं। पुलिस, एसडीआरएफ समेत अन्य एजेंसियों को स्नान घाट में संचार तंत्र स्थापित करने को कहा गया है ताकि घाटों पर तैनात तैराकों के बीच समन्वय बनाया जा सके। घाट पर तैनात सभी कर्मचारियों को पीपीई किट से लैस करने और सभी सुरक्षा उपायों का पालन करने के निर्देश भी दिये गये हैं। कोविड गाइडलाइन का पालन न करने वालों पर आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 महामारी रोग अधिनियम 1897 और आईपीसी की सुसंगत धाराओं में कार्यवाही की जाएगी।

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