गाजियाबाद। हरनंदी को साफ रखने की कवायद शुरू कर दी गई है। जिसके तहत अब सीवर ट्रीटमेंट प्लांट बनाए जाने की योजना तैयार की गई है। योजना के लिए अमृत योजना दो के तहत गाजियाबाद को स्वीकृति मिली है। जिसे बनाये जाने की के प्रयास अब तेज कर दिए गए हैं। साहिबाबाद इलाके से हरनंदी में गिरने वाले गंदे पानी को शोधित करने के लिए 600 करोड़ रुपए की लागत से करहेड़ा के जंगल में सीवर ट्रीटमेंट प्लांट लगाया जाएगा। पूरे मामले की जानकारी देते हुए जलकल विभाग महाप्रबंधक आनंद त्रिपाठी ने बताया कि हरनंदी को साफ रखने के उद्देश्य से विशेष योजना पर कार्य शुरू किया जाएगा। जिसके चलते अमृत योजना दो के तहत सीवर ट्रीटमेंट प्लांट की स्वीकृति मिली है। अब उस पर कार्य शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में सीवर ट्रीटमेंट प्लांट लगाने के लिए अब जमीन चिन्हित कर डीपीआर तैयार की गई है।
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जिसका अंतिम रूप देते हुए शासन को भेजा जाएगा और अनुमति मिलने के बाद टेंडर का काम शुरू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस 68 एमएलडी सीवर ट्रीटमेंट प्लांट के बनाने में करीब 600 करोड रुपये की लागत का अनुमान है। इस सीवर ट्रीटमेंट प्लांट के बनने से मोहननगर जोन के 10 वार्ड के रहने वाले लोगों को लाभ मिलेगा। इन वार्डों से निकलने वाला गंदा पानी नालों से होकर हरनदी में गिरता है। इस प्लांट के बाद हरनंदी नदी में गंदे नाले का पानी नहीं जाएगा। आनंद त्रिपाठी ने बताया कि एसटीपी के साथ 130 किलोमीटर लंबा सीवर नेटवर्क का जाल बिछाया जाएगा। इसमें करीब 77 हज़ार घरों को जोड़ा जाएगा। पाइप लाइन से निकल रहे गंदे पानी को सीधे सीवर ट्रीटमेंट प्लांट में भेजा जाएगा और वहां से उसकेा शोधित कर जल को हरनंदी में गिराया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस सीवर ट्रीटमेंट प्लांट को बनाए जाने के बाद हरनंदी नदी का पानी पूरी तरह से साफ हो जाएगा।
