भाजपा के खिलाफ काफी मुखर रहने वाले वर्तमान में मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक को चुप रहने केलिए उपराष्ट्रपति का ऑफर था, यह बाद खुद उन्होंने राजस्थान के दौरे पर झुंझुनूं जिले के बगड़ इलाके में कही. सत्यपाल मलिक ने कहा कि लेकिन मैंने इस ऑफर को ठुकरा दिया और साफ़ कह दिया कि मैं ऐसा हरगिज़ नहीं कर सकता। राज्यपाल ने कार्यकाल ख़त्म होने के बाद किसानों की राजनीती करने की बात कही.
राजस्थान दौरे पर सत्यपाल मालिक के तेवर काफी तीखे नज़र आये, उन्होंने सीधे तौर पर कहा कि भाजपा में ऐसे बहुत से लोग हैं जिनके ठिकानों ED और सीबीआई के छापे डालने की ज़रुरत है. उपराष्ट्रपति के चुनाव पर उन्होंने कहा कि ऑफर मुझे भी आया था मगर शर्त चुप रहने की थी लेकिन मैंने इंकार कर दिया. उन्होंने कहा कि जब मैं बोलता हूँ तो यह नहीं सोचता कि आगे क्या होगा, जो महसूस करता हूँ उसको एक्सप्रेस कर देता हूँ, और मैं यह जारी रखूंगा इसके लिए चाहे मुझे कोई भी क़ुरबानी देनी पड़े.
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विरोधी नेताओं पर डाले जा रहे केंद्रीय एजेंसियों के छापों को लेकर भी मलिक ने कहा कि भाजपा में ऐसे लोगों की कमी नहीं जिन पर ईडी, इनकम टैक्स और सीबीआई के छापे पड़ने चाहिए यहाँ तक कि जिनके खिलाफ ED और सीबीआई की कार्रवाई चल रही थी भाजपा में आते ही बंद हो गयी. दरअसल यह केंद्रीय एजेंसियों एक मज़ाक बनकर रह गयी हैं और सरकार पूरी तौर इसके लिए ज़िम्मेदार है. सरकार को चाहिए कि कुछ अपने लोगों पर भी कार्रवाई करे ताकि इन एजेंसियों की विश्वसनीयता बनी रहे. सत्यपाल ने मालिक ने राहुल गाँधी की तारीफ करते हुए कहा कि आज के समय एक नौजवान नेता कम से कम पैदल तो चल रहा है. मलिक ने कहा कि उन्हें भारत जोड़ो यात्रा का उद्देश्य ठीक लगता है.
