सरकार की मदद का तलबगार स्पोर्ट्स का बाजार

मेरठ रीजनसरकार की मदद का तलबगार स्पोर्ट्स का बाजार

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सरकार की मदद का तलबगार स्पोर्ट्स का बाजार

कोरोना ने तोड़ दी कारोबार की कमर

विदेशों में फंसा अरबो रुपये का भुगतान

अमित बिश्‍नोई

मेरठ। कोरोना वायरस की वजह से दुनिया भर में लगे लोकडाउन ने खेल उद्योग की कमर इस तरह तोड़ी है कि हालात जल्द काबू में आने वाले नही है। खेल कारोबारियों का विदेशों में अरबों रुपये का भुगतान इसी वजह से फंसा है। लॉकडाउन के दौरान घर बैठे खेल सामान के निर्माताओं को यहीं चिंता सता रही है कि हालात कब काबू में आएंगे और उनकी पेमेंट मिलेगी एवं निर्यात शुरू होगा।

गौरतलब है कि मेरठ का सूरजकुंड स्पोर्ट्स बाजार देश ही नही बल्कि पूरे एशिया में सबसे बड़ी खेल मंडी के रूप में जाना जाता है। यहां से तमाम देशों में खेल सामान का निर्यात होता रहा हैं। लेकिन अब सब कुछ बंद होने के कारण इंडस्ट्री मालिकों और खेल कारोबारियों पर बहुत बड़ा संकट आ गया हैं। गोदामों के अंदर काफी मात्रा में खेल सामान तैयार पड़ा है और पुराना पेमेंट विदेशी कारोबारियों के पास फंसा हैं। जो रुपये इंडस्ट्री मालिकों के पास थे, वह भी मजदूरों को वेतन के तौर पर देने पड़े। स्पोर्ट्स कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि लॉकडाउन के बाद कोरोना तो हार जाएगा, मगर खेल इंडस्ट्री को फिर से पटरी पर लाना बहुत मुश्किल होगा। खेल कारोबारियों के अनुसार बड़े-बड़े उद्योगपति तो अपनी स्थिति को कुछ हद तक संभाल लेंगे, छोटे कारोबारियों को फिर से धंधा शुरू करने में काफी कठिनाई होगी। टोक्यो ओलंपिक, आईपीएल समेत क्रिकेट के तमाम प्रतियोगिताएं, वर्ल्ड फुटबाल समेत कई खेले प्रतियोगिताओं को स्थगित कर दिया गया है। इस कारण फिर से धंधा शुरु होने के बाद भी डिमांड नहीं बढ़ पाएगी।

ईरान, इटली से कारोबार करने से लगेगा का डर

इंडस्ट्री में तैयार होने वाले तमाम खेल सामान ईरान और इटली को भी निर्यात किए जाते थे। खेल कारोबारियों के अनुसार स्थिति नियंत्रण में होने के बाद भी इन देशों के साथ कारोबार शुरू करने में डर लगेगा। ईरान में फुटबाल, कुश्ती,बास्केटबाल, शतरंज इत्यादि खेल प्रमुख हैं।

सोशल डिस्टेंस के लिए कई खेलों पर लग सकती पाबंदी

लॉकडाउन खत्म होने के बाद भी सोशल डिस्टेंस बनाये रखने के कारण तमाम खेलों पर पाबंदी लग सकती है। कोरोना को हराने के लिए सोशल डिस्टेंस का पालन करना होगा। ऐसे में लॉकडाउन के हटने के बाद भी हॉकी, बास्केटबाल, वालीबाल, फुटबाल, कुश्ती, कबड्डी इत्यादि खेलों पर पाबंदी लग सकती हैं।

इंडस्ट्री को संभलने में लगेगा एक साल

एस एस स्पोर्ट्स इंडस्ट्री के मालिक संजय सरीन ने कहा कि कोरोना वायरस के कारण पूरी खेल इंडस्ट्री पर काफी असर पड़ा है। स्थिति ठीक रही तो खेल उद्योग को संभलने में कम से कम एक साल का समय लगेगा। तमाम उद्योगपतियों को अपने विदेशों में भेजे सामान की पेमेंट भी अभी तक नहीं मिली है। वहीं मजदूरों को भी मासिक वेतन देना। केन्द्र और राज्य सरकार को भी खेल इंडस्ट्री पर विशेष तौर से ध्यान देने की जरूरत होगी।

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