शिवसेना सांसद और प्रवक्ता संजय राउत से उनके घर में 9 घंटे पूछताछ के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने हिरासत में ले लिया है. राउत समर्थकों के काफी हंगामे के बाद ED अब शिवसेना नेता को अपने दफ्तर ले जाने में कामयाब हो गयी है जहाँ उनसे पूछताछ जारी है. ईडी ने यह छापेमारी पात्रा चॉल घोटाले से जुडे़ मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में की है. कहा जा रहा है कि हिरासत के बाद संजय राउत की गिरफ़्तारी भी हो सकती है.
वहीँ प्रवर्तन निदेशालय के दफ्तर पहुंचने के बाद संजय राउत ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि यह महाराष्ट्र को कमजोर करने की कोशिश है, लेकिन वह झुकेंगे नहीं. हिरासत में लेने से पहले ED की टीम ने करीब 9 घंटे तक संजय राउत के घर छानबानी की. ED की टीम आज सुबह ही संजय राउत के भांडुप स्थित निवास पर पहुंची थी.
जानकारी के अनुसार संजय राउत की हिरासत का समर्थकों ने ज़ोरदार विरोध किया. सुबह जब ED की टीम संजय राउत के घर पहुंची तभी से वहां शिव सैनिकों का जमावड़ा शुरू हो गया था. जब ED की टीम संजय राउत को ले जाने की कोशिश कर रही थी तब समर्थकों ने उसका रास्ता रोक लिया, बड़ी मशक्कत के बाद प्रवर्तन निदेशालय की टीम संजय राउत को अपने दफ्तर ले जाने में सफल हो पायी.
ED की छापेमारी के वक्त शिवसेना सांसद ने सफाई दी थी कि एक जिम्मेदार सांसद के रूप में उन्हें संसद सत्र में भाग लेना है, इसलिए वह 20 और 27 तारीख को ईडी की नोटिसों की तामील नहीं कर सके. राउत ने यह भी कहा कि उन्होंने 7 अगस्त तक का समय मांगा है और अगर उस दिन तलब किया जाता है तो वह प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों के सामने पेश होंगे.

