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विजयदशमी पर हिन्दुओं को संघ प्रमुख का सन्देश, दुर्बल रहना अत्याचारों को निमंत्रण देना है

mohan bhagwat

विजयदशमी की रैली में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने हिन्दू समाज को संगठित और सशक्त रहने का सन्देश देते हुए कहा है कि कमज़ोर होना एक अपराध है. संघ प्रमुख ने कहा कि भारत की तरक्की से कुछ लोगों को जलन हो रही है, हालाँकि उन्होंने साथ में ये भी कहा कि समाज में टकराव होना अच्छी बात नहीं , ये नहीं होना चाहिए क्योंकि इससे देश कमज़ोर होता है और विकास में बाधा आती है. मोहन भागवत इन दिनों हिन्दुओं के एकता पर ज़्यादा ज़ोर देते हुए नज़र आ रहे हैं. उनके इन बयानों को चुनावी नज़र से देखा जा रहा है.

इससे पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने शनिवार को विजयादशमी के अवसर पर नागपुर स्थित आरएसएस मुख्यालय में शस्त्र पूजा की। पद्म भूषण और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के पूर्व प्रमुख के. राधाकृष्णन इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और इसरो के पूर्व प्रमुख के. सिवन भी मौजूद थे।

संघ प्रमुख ने बांग्लादेश में हिन्दुओं पर अत्याचार, कोलकाता के आर जी कर अस्पताल और इज़राइल-हमास के बीच संघर्ष पर भी बात की. संघ प्रमुख ने कहा दुनिया भर के हिन्दुओं की भारत सरकार को मदद करना चाहिए। मोहन भागवत ने कहा कि बांग्लादेश में पहली बार हिंदू समाज संगठित होकर स्वयं के बचाव में बाहर निकला इसलिए थोड़ा बचाव हुआ. उन्होंने कहा कि असंगठितऔर दुर्बल रहना यह अत्याचारों को निमंत्रण देना है और यह बात दुनिया भर के हिंदु समाज को समझना चाहिए इसलिए हिंदुओं को एकजुट रहना बहुत जरूरी है.

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