Site icon Buziness Bytes Hindi

शहीदों को नमन, औघड़नाथ मंदिर में दर्शन करेंगे पीएम


शहीदों को नमन, औघड़नाथ मंदिर में दर्शन करेंगे पीएम

मेरठ। कल दो जनवरी को मेरठ में खेल विश्वविद्यालय का शिलान्यास करने के लिए आ रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम में बदलाव किया गया है। मेरठ आगमन कार्यक्रम के अन्र्तगत सलावा पहुंचने से पहले प्रधानमंत्री मोदी मेरठ के शहीद स्मारक में शहीदों को नमन करेंगे। उसके बाद औघड़नाथ मंदिर पहुंच कर पीएम बाबा औघड़नाथ के दर्शन करेंगे।

Read also: भाजपा संसदीय दल की बैठक में किया गया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अभिनंदन

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को सरधना के सलावा में मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय मेरठ का शिलान्यास करने के लिये आ रहे हैं। पीएम मोदी के पूर्व निर्धारित कार्यक्रम में अब बदलाव किया गया है। जिसके अंतर्गत सुबह 11.35 पर प्रधानमंत्री का हेलीकाॅप्टर आर्मी हेलीपैड पर उतरेगा। यहां से प्रधानमंत्री शहीद स्मारक पहुंचेंगे और शहीदों को नमन करने के साथ अमर जवान ज्योति और राजकीय स्वतंत्रता संग्राम संग्रहालय को भी देखेंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी का कार्यक्रम काफिला औघड़नाथ मंदिर की ओर रवाना हो जाएगा जहां पीएम बाबा के दर्शन कर आशीर्वाद लेंगे।

इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी फिर से हेलीपैड पहुंचेंगे और हेलीकाॅप्टर से सलावा के कार्यक्रम स्थल पर बनाए गए हेलीपैड पर उतरेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रधानमंत्री 1 बजे कार्यक्रम स्थल पर पहुंचेंगे। 2.15 बजे तक प्रधानमंत्री मंच पर मौजूद रहेंगे। 2.20 पर पीएम फिर हेलीपैड पहुंचेंगे और 2.25 पर उनका हेलीकाॅप्टर मेरठ से उड़ान भर लेगा। वहीं उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का भी शनिवार को मेरठ आने का कार्यक्रम रद्द हो गया था। अब राज्यपाल भी रविवार को ही सीधा कार्यक्रम स्थल पहुंचेंगीं।

Read also: आनंदीबेन पटेल को मिला मध्य प्रदेश के गवर्नर का अतिरिक्त प्रभार

700 करोड रुपए की लागत से 36.98 हेक्टेयर जमीन पर बनेगा खेल विश्वविद्यालय

सलावा में बनने जा रहा उत्तर प्रदेश का पहला खेल विश्वविद्यालय हाॅकी के जादूगर कहलाने वाले मेजर ध्यानचंद के नाम पर बनाया जा रहा है। लगभग 700 करोड रुपए की लागत से 36.98 हेक्टेयर जमीन पर बनाए जा रहे हैं खेल विश्वविद्यालय में हाॅकी, वाॅलीबाॅल, ट्रैक एंड फील्ड, शूटिंग रेंज, जैवलिन थ्रो, भारोत्तोलन, कुश्ती आदि के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं देने के साथ भारत के परंपरागत खेल मलखंब, खो-खो आदि का भी प्रशिक्षण दिया जाएगा।

Exit mobile version