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उपेक्षा का शिकार है सैनी गांव का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र


उपेक्षा का शिकार है सैनी गांव का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र

बरसोें से पड़ा है वीरान, जानवरों का बसेरा बना
छत पर उपले तो परिसर में हैं कूड़े के पहाड़

मुनीश कुमार

मेरठ। कचरों के ढेर के बीच बने कुछ कमरे, छत पर सूखते उपले, कमरे में आराम फरमाती गाय, कुर्सी-मेजों पर चढ़ी धूल की परतें। ये हाल किसी खंडहर बन चुकी इमारत का नहीं बल्कि सैनी गांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का है। उपेक्षा का शिकार बने इस प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर लोगोें का उपचार तो दूूर की बात है यहां बरसोें से किसी ग्रामीण को दवा की एक गोली तक नहीं दी गयी है। लोगों के स्वास्थ्य की देखभाल करने के लिये बनाये गये केंद्र को आज खुद ही उपचार कीी आवश्यकता है।

फोटो क्रेडिट – मुनीश कुमार

मेरठ शहर से केवल 4 किलोमीटर दूर, मेरठ-पौढ़ी हाइवे पर स्थ्ति गांव सैनी में बरसों पहले एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनाया गया था। उद्देश्य था की ग्रामीणों को प्राथमिक उपचार के साथ सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ भी केंद्र से प्राप्त होे सके। यहां पर कुर्सी-मेज और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में इस्तेमाल होने वाली चीजों के अलावा एक बेड, तीन वेटिंग मशीन और एक ड्रिप स्टैंड भी है। लेकिन उपेक्षा का शिकार हो चुुका यह केंद्र आज कूड़ाघर में तब्दील हो गया है। यहां के कमरे में गाय आराम फरमाती नजर आती हैं तो बिना बाउंड्री वाॅल के परिसर में कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। खाली इमारत देख ग्रामीणों नेे इसकी छत पर उपले सूखाने शुरू कर दिये हैं। जानवरों के लिये सूखा चारा भी यहां रखा गया है तो पीएचसी के बाथरूम और टाॅयलेट में भी कचरे के अंबार लगे हुए हैं।

फोटो क्रेडिट – मुनीश कुमार

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर मिले सैनी गांव निवासी दुलीचंद ने बताया की, कई वर्ष गुजर गये मगर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से किसी ग्रामीण को इलाज तो दूर एक गोली तक नहीं दी गयी। इस केंद्र पर तैनात एएनएम कभी-कभार टीकाकरण के लिए आती है और ग्रामीणों का डाटा इकट्ठा करके ले जाती है।

पुरानी इमारत में कोई बैठने को तैयार नहीं है मगर इस पीएचसी के ठीक आगे एक नया कमरा बनवाया जा रहा है। में जुटे राजमिस्त्री का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग यहां नया कमरा बनवा रहा है। नए कमरे के लिए एक टाॅयलेट का भी निर्माण कराया जा रहा है जिसके लिए अंडर ग्राउंड सीवेज टैंक बनाया गया है। अब भगवान ही जाने की इस कमरे में कोई स्वास्थ्य कर्मी बैठेगा या इस पर भी जानवरों का कब्जा हो जायेगा।

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