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‘NAM’ याद रखना: इस तारीफ पर कौन न हो जाए फ़िदा

NAM

अमित बिश्‍नोई

किसी बड़े काम की तारीफ तो सभी करते हैं मगर उसमें कोई तारीफ ऐसी होती है जो सबसे अलग होती है, सबसे अनोखी होती है. विशेषकर तारीफ जब उसी क्षेत्र के किसी ऐसे लीजेंड की तरफ से आयी हो जो अपने आप में उस क्षेत्र का हस्ताक्षर रहा हो। तारीफ पाने वाले के लिए उसके जीवन का इससे बड़ा कोई लम्हा नहीं होता। बात हम कर रहे टी 20 विश्वकप 2022 की जिसका कल से धमाकेदार आगाज़ हो चूका है. पहले ही दिन नामीबिया जैसे नॉन टेस्ट प्लेइंग नेशन ने श्रीलंका जैसी टीम जिसने अभी हाल ही में एशिया कप में पाकिस्तान को पीटकर खिताबी जीत हासिल की थी, बुरी तरह परास्त किया। यह जीत नामिबिया के लिए सपने सरीखी जैसी थी. नामीबिया की इस ऐतिहासिक जीत की क्रिकेट वर्ल्ड ने जमकर तारीफ की. बड़े बड़े दिग्गजों ने नामीबिया के प्रदर्शन को जमकर सराहा, तारीफ में कसीदे पढ़े मगर इन सभी तारीफों में एक तारीफ ऐसी भी थी जिसे सुनकर पूरी नामीबियाई टीम ख़ुशी से झूम उठी. यह तारीफ क्रिकेट के भगवान् महान सचिन तेंदुलकर की तरफ से आयी. सचिन ने नामीबिया की तारीफ में पूरी दुनिया से बस इतना कहा “NAM याद रखना”.

सचिन का यह तारीफ़ी ट्वीट देखते ही देखते ही वायरल हो गया. इस ट्वीट की लोगों ने उतनी ही तारीफ की जितनी नामीबिया की कामयाबी की. नामीबिया के कप्तान इरासमस के लिए तो सचिन का यह ट्वीट किसी सौगात से कम नहीं था, उन्होंने फ़ौरन ही इस ट्वीट को रीट्वीट किया, फिर इसके बाद लगभग नामीबिया की पूरी टीम ने रीट्वीट के सिलसिले को आगे बढ़ाया। सचिन का यह ट्वीट कहीं न कहीं नामीबिया के लिए एक बूस्टर डोज़ की तरह काम कर सकता है क्योंकि जब इतना बड़ा और महान खिलाड़ी इतने ख़ास अंदाज़ में तारीफ करे तो कौन इस तारीफ पर फ़िदा कौन नहींहोगा. ऐसी तारीफ से हौसला बढ़ना भी लाज़मी है. ‘नाम’ याद रखना के इस कोट में दरअसल सचिन ने नामीबिया के उज्व्वल भविष्य के बारे में बात की है. सचिन ने क्रिकेट की दुनिया को यह बताने की कोशिश की है नामीबिया भविष्य की टीम है और इससे होशियार रहने की ज़रुरत है. आने वाले दिनों में यह बड़ी बड़ी टीमों को परेशान कर सकती, शायद इसलिए उन्होंने लोगों से कहा कि भूल मत जाना नाम याद रखना।

नामीबिया टीम क्रिकेट के विश्व पटल पर अभी एक नया नाम है, पिछले टी 20 विश्व से ही उनका अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण हुआ है. इसलिए उनकी अंतररष्ट्रीय आयु बहुत छोटी है और इतनी अल्प आयु में श्रीलंका को हराना उनके लिए एक बहुत बड़ी कामयाबी है. किसी भी टेस्ट नेशन के खिलाफ नॉन टेस्ट नेशन की कामयाबी उसके लिए हमेशा स्वर्णिम होती है. उसकी क्रिकेट हिस्ट्री की किताब में उसका उल्लेख सबसे पहले पन्ने पर होता है. टी -20 विश्व कप की बात करें तो नामीबिया की यह जीत कुछ बड़े अपसेट में शामिल है. टी 20 विश्व कप में उलटफेर तो 2007 के पहले सीज़न से शुरू हो गया था, तब बांग्लादेश ने वेस्टइंडीज को हराकर एक बहुत बड़ा उलटफेर किया था, उस वक्त बांग्लादेश बहुत कमज़ोर और वेस्टइंडीज की टीम बहुत मज़बूत मानी जाती थी। ज़िम्बाब्वे को ऑस्ट्रेलिया जैसी टीम के खिलाफ कामयाबी मिली, बांग्लादेश को हांगकांग के खिलाफ हार, यह कुछ बहुत बड़े अपसेट टी-20 विश्व कप में अबतक हुए हैं.

अब देखना है कि क्रिकेट के भगवान् की इस अनोखी उत्साहवर्धक तारीफ़ के बाद नामीबिया का विश्व कप में आगे का सफर कैसा रहता है, उसका पहला टारगेट तो सुपर 12 में पहुँचने का है और यकीनन श्रीलंका पर मिली जीत और उसपर सचिन की तारीफ नामीबिया को यूएई और नीदरलैंड के खिलाफ मैचों में जीत दिलाने में पूरी मदद करेगी। नामीबिया कभी नहीं चाहेगी कि सचिन से मिली तारीफ ग़लत साबित हो, इसलिए आगे विश्व कप में उसकी पूरी कोशिश होगी लोग उसका नाम याद रखें।

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